अब कौन संभालेगा पॉन्टी का अरबों का कारोबार?

  • 5 सितंबर 2013
मॉन्टी चड्ढा, वेव, पॉन्टी
सब की निगाहें पॉन्टी के बेटे मॉन्टी चड्ढा पर लगी हैं.

दोपहर का समय है और उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के आदर्श नगर में सन्नाटा छाया हुआ है.

चिलचिलाती धूप और उमस ने लोगों को अपने घरों में बंद रहने पर मजबूर कर दिया है.

आदर्श नगर इलाक़ा बंटवारे के बाद पाकिस्तान से आए शरणार्थियों की कॉलोनी है. पॉन्टी चड्ढ़ा के पिता कुलवंत सिंह चड्ढ़ा भी पाकिस्तान से आकर यहां बसने वाले लोगों में से एक थे.

पॉन्टी के परिवार के पास दो घर थे लेकिन उन्होंने एक घर को स्थानीय गुरूद्वारे को दान में दे दिया था.

पॉन्टी के बचपन के एक दोस्त ने बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा, ''यक़ीन नहीं होता कि भाइयों ने एक दूसरे को मार दिया. पारिवारिक संबंध इतने ख़राब तो नहीं थे. ऐसा लगता है कि मामला दर असल कुछ और है न कि जो मीडिया में आ रहा है. वे संयुक्त परिवार का हिस्सा थे.''

मुरादाबाद में रह रहे पॉन्टी के चचेरे भाई गुरजीत कहते हैं कि इसमें कोई शक नहीं कि पॉन्टी ने परिवार के कारोबार को बहुत ऊंचाइयों तक पहुंचाया लेकिन इसके लिए पॉन्टी के चाचा हरभजन सिंह चड्ढ़ा को भी थोड़ा बहुत श्रेय दिया जाना चाहिए.

मुरादाबाद मॉल

शराब कारोबार ने बदली किस्मत

गुरजीत के अनुसार हरभजन सिंह ने ही मुरादाबाद में शराब का कारोबार शुरू किया था जिसने पूरे परिवार की क़िस्मत ही बदल दी.

हरभजन के बच्चों ने जब कारोबार में अपनी हिस्सेदारी मांगनी शुरू कर दी तब से पॉन्टी और उनके चाचा हरभजन सिंह के रिश्ते ख़राब होने लगे.

हरभजन और उनके बेटे गुरजीत मुरादाबाद में सिनेमा हॉल, होटल और शराब का कारोबार करते हैं.

गुरजीत और पॉन्टी बचपन में बिजली के एक नंगे तार के संपर्क में आ गए थे जिससे कि पॉन्टी का एक हाथ बर्बाद हो गया था.

पॉन्टी के दोस्त उन दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि पॉन्टी एक हाथ से मोटरसाइकिल और लैंड क्रूज़र कार चलाते थे.

लेकिन अब सबकी निगाहें वेव ग्रुप और उसके भविष्य पर हैं. निवेशकों में विश्वास पैदा करने के लिए कंपनी ने पॉन्टी की मौत के बाद एक विज्ञापन जारी किया था जिसमें लिखा था, ''हम मज़बूती के साथ खड़े हैं. हम प्रतिबद्ध हैं क्योंकि सफ़र जारी है.''

स्पिरिट्ज़ पत्रिका के संपादक बिशन कुमार कहते हैं, ''वो विज्ञापन निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए ज़रूर दिया गया था लेकिन सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि पॉन्टी के बेटे मॉन्टी चड्ढा और उनके भाई राजेंद्र चड्ढा उनके कारोबार को कैसे आगे बढ़ाते हैं.''

रियल एस्टेट पर ध्यान

बाज़ार में ऐसी ख़बरें हैं कि पॉन्टी के बेटे चीनी मिलों और शराब के कारोबार में उतना उत्साहित नहीं हैं और वे दोनों रियल एस्टेट और दूसरे व्यवसाय पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं.

लेकिन परिवार के सूत्रों का कहना है कि शराब का कारोबार जारी रहेगा.

वेव ग्रुप के पास पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगभग 3200 एकड़ ज़मीन है जिसका इस्तेमाल वो रियल स्टेट कारोबार में करना चाहते हैं और वेव ग्रुप अपने मुनाफ़े को 15 हज़ार करोड़ रूपए तक पहुंचाना चाहता है.

सूत्रों के मुताबिक वेव ग्रुप खुदरा कारोबार में भी शामिल होना चाहता है. इस नए कारोबार का नाम वेव फ़्रेश रखा गया है.

इस ग्रुप ने पिछले 40 सालों में कई क्षेत्रों में अपने कारोबार को फैलाया है. फ़्लैगशिप कंपनी का नाम वेव इन्कॉर्पोरेशन है.

रियल स्टेट के क्षेत्र में कारोबार को वेव इंफ़्राटेक संभालती है जिसने रिहायशी और कारोबारी प्रोजेक्ट के अलावा आधुनिक सुविधाओं से लैस शॉपिंग सेंटर और मल्टीप्लेक्स बनाए हैं.

जबकि वेव इंडस्ट्रीज़ के अंतर्गत कई पावर प्लांट, चीनी मिल, पेपर मिल और डिस्टिलरी हैं.

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