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भारत में 'मोस्ट वांटेड' यासीन भटकल गिरफ़्तार

 गुरुवार, 29 अगस्त, 2013 को 14:26 IST तक के समाचार
यासिन भटकल

इंडियन मुजाहिदीन के कथित संस्थापकों में से एक माने जाने वाले यासीन भटकल को बिहार-नेपाल के सीमावर्ती इलाक़े से गिरफ़्तार किया गया है. गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इसकी पुष्टि की है.

दिल्ली में पत्रकारों के साथ बातचीत में शिंदे ने कहा, "भटकल को कल रात में बिहार में नेपाल के सीमावर्ती इलाक़े से गिरफ़्तार किया गया है. इस समय भटकल बिहार पुलिस की हिरासत में है. उनसे पूछताछ की जा रही है."

उन्होंने कहा, "अभी मेरे पास इतनी ही सूचना है. मैं यह नहीं बता सकता कि किस इंटेलीजेंस एजेंसी ने उन्हें पकड़ा."

पुलिस को भटकल की क्लिक करें कई मामलों में तलाश थी.

इनमें सात सितंबर 2011 को दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर हुआ धमाका भी शामिल है. इस धमाके में 12 लोग मारे गए थे.

'मोस्ट वांटेड लिस्ट'

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी भटकल शामिल हैं और उन पर दस लाख रुपए का इनाम है.

वर्ष 2008 में कोलकाता पुलिस ने भटकल को जाली नोट मामले में गिरफ़्तार किया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था.

एनआईए का ये भी आरोप है कि भटकल ने ही पुणे की क्लिक करें जर्मन बेकरी में वर्ष 2010 में बम रखा था, इस धमाके में 17 लोग मारे गए थे.

एजेंसी का कहना है कि सीसीटीवी में दिखने वाला व्यक्ति भटकल ही थे. उन्होंने अपना चेहरा छिपाने के लिए टोपी लगा रखी थी.

आरोप

तीस वर्षीय यासीन भटकल का असली नाम अहमद सिद्दीबप्पा है और वह कर्नाटक के रहने वाले हैं.

उन पर आरोप है कि उन्होंने 2008 में अपने भाई रियाज़ और अब्दुल सुभान कुरैशी के साथ मिलकर इंडियन मुजाहिद्दीन की नींव रखी थी.

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इंडियन मुजाहिदीन की कमान क्लिक करें पाकिस्तान के चरमपंथी संगठन क्लिक करें लश्कर ए तैयबा के हाथों में है.

भटकल बेंगलूर में 2010 में एक क्रिकेट मैच के दौरान स्टेडियम के बाहर हुए विस्फोट में भी मुख्य अभियुक्त हैं.

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