रुपए 68 से नीचे, भाग रहा 70 की ओर

  • 28 अगस्त 2013

डॉलर के मुक़ाबले रुपए में गिरावट का दौर जारी है और बुधवार को यह 68.85 रुपए प्रति डॉलर तक नीचे चला गया.

यह रूपए की कीमत में एक दिन में आई सर्वाधिक कमी है. रुपया सुबह 66.37 पर खुला था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ रुपए की कीमत में इस साल अब तक 19 प्रतिशत की गिरावट आई है.

विश्लेषकों का मानना है कि रुपए के कमजोर होने का मुख्य कारण आयातकों के बीच डॉलर की मांग बढ़ना और भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेशकों की रुचि घटना है.

मुंबई के अंतर-बैंक विदेशी विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले आंशिक-परिवर्तनीय रुपया 3.7 प्रतिशत की रिकॉर्ड गिरावट के साथ 68.75 के नए स्तर पर पहुंच गया था. हालांकि बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ.

कहां तक गिरेगा

इससे पहले मंगलवार को डॉलर 66.25 रुपये के स्तर तक पहुंच गया था.

रुपए में गिरावट का शेयर बाजार पर भी असर हो रहा है. देश में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 300 से अधिक अंक की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि बाद में इसमें कुछ सुधार आया.

यूको बैंक में फॉरेक्स डीलर उदय भट्ट ने कहा, "रुपए में जारी गिरावट को देखते हुए यह बताना संभव नहीं है कि यह कहां तक गिरेगा.''

हालांकि सरकार ने गिरते हुए रूपए को थामने और अर्थव्यवस्था में जान डालने के लिए मंगलवार को आधारभूत संरचना के क्षेत्र में 1.83 लाख करोड़ की अनेक परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है.

'सब बेहाल हैं'

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि तेल, गैस, सड़क और रेलवे के क्षेत्र में अटकी 36 परियोजनाओं को हरी झंडी मिल गई है.

लेकिन बाज़ार में गिरावट के रुख़ को कम करने में अब तक सरकार के प्रयास बेहतर परिणाम देने में विफल रहे हैं.

वित्त मंत्री ने कहा कि रुपया अपने वास्तविक स्तर से काफी कमज़ोर हुआ है, लेकिन भारत इकलौता देश नहीं है, जो इस तरह की समस्या का सामना कर रहा है.

चिदंबरम ने कहा, "विश्व की सभी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं चुनौतियों का सामना कर रही हैं. उसी तरीके से भारतीय अर्थव्यवस्था भी चुनौती के दौर से गुज़र रही है, जिसका प्रभाव शेयर बाज़ार के साथ-साथ मुद्रा बाज़ार पर भी पड़ रहा है."

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