अलीगढ़ के जाटों ने किया मुसलमानों का बहिष्कार

  • 22 अगस्त 2013

उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ के कई गाँवों में जाट समुदाय ने मुसलमानों का बहिष्कार शुरू कर दिया है, जिससे इलाके मे माहौल तनावपूर्ण है.

ये फ़ैसला जाट पंचायत ने पलाचंद गाँव के एक मुस्लिम लड़के और जाट समुदाय की एक लड़की के एक साथ कथित रूप से 'फ़रार' होने के बाद सर्वसम्मति से लिया.

इस बहिष्कार से 15 से अधिक गाँवों के मुसलमान प्रभावित हुए हैं.

भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष देवराज सिंह ने बीबीसी को बताया कि रविवार को जाटों की एक पंचायत ने बहिष्कार का फ़ैसला सर्वसम्मति से लिया.

बहिष्कार

उन्होंने कहा, "इस पंचायत में कई गाँवों के 1200 जाट शरीक थे. पंचायत ने एक समिति बनाई, जिसने मुसलमानों का बहिष्कार करने का फ़ैसला किया."

देवराज सिंह का कहना है कि ये बहिष्कार "हमेशा के लिए है". उन्होंने कहा: "मुसलमानों से व्यापारिक और सामाजिक सभी संबंध तोड़ दिए गए हैं."

जाट पंचायत के इस फ़ैसले से मुस्लिम समाज को दिक़्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार मुस्लिम लड़के और जाट लड़की एक दूसरे को स्कूल से जानते थे और पसंद करते थे. लगभग दो महीने पहले उनके फ़रार होने के बाद पलाचंद और इसके आस पास के इलाकों में मुसलमानों और जाटों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया.

रोज़ी रोटी

स्थानीय पत्रकार भूपेंद्र कुमार के अनुसार इलाके के मुसलमान ग़रीब हैं और इनमें से अधिकतर लोहार हैं.

वो जाटों के खेतों में काम भी करते हैं. मुसलमानों की रोज़ी-रोटी काफ़ी हद तक जाटों के खेतों में काम करने पर निर्भर है. वो कहते हैं, "ज़ाहिर है मुस्लिमों को इससे दिक्कतें हो रही हैं."

दूसरी तरफ कुछ दिन पहले लड़की ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. उसे नारी निकेतन भेज दिया गया है. भूपेंद्र कुमार कहते हैं कि लड़की को कल अदालत में पेश किया जाएगा.

उनके अनुसार अगर लड़की ने लड़के के पक्ष में बयान दिया तो माहौल और भी ख़राब हो सकता है. स्थानीय पुलिस किसी भी घटना से निपटने के लिए चौकस है.

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