सिंधुरक्षक हादसा: 'दो मिनट बाद ही जन्मदिन था उनका'

  • 18 अगस्त 2013

पनडुब्बी सिंधुरक्षक में फंसे 18 नौसैनिकों में से पाँच नौसैनिकों के शव मिल चुके हैं. शवों को नौसेना के अस्पताल आईएनएस अश्विनी में डीएनए टेस्ट के लिए ले जाया गया है.

सभी 18 नौसैनिकों के परिवार दो दिन पहले ही मुंबई पहुंच चके हैं और उन्होंने नौसेना के अधिकारियों से मुलाकात की है.

सभी परिवार वालों ने एक ही इच्छा जताई है कि उन्हें वह जगह देखनी है जहाँ पनडुब्बी डूबी है लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और फंसे हुए नौसैनिकों के निकालने का काम जारी होने के चलते उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई.

बीबीसी ने नौसैनिकों के परिजनों में से कुछ से मुलाकात की. सभी परिवारों के घर मातम छाया हुआ है. वो इस कदर दुख में डूबे हुए हैं कि किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं.

सभी की आँखों से आँसू थमने का नाम नहीं ले रहे. किसी ने अपना पति, किसी ने अपना बेटा तो किसी ने अपने पिता को खो दिया है.

आसान नहीं रही पनडुब्बियों की राह

नौसेना के लिए नई दुश्वारियां पैदा हो सकती हैं

लीजू लॉरेंस, उम्र 28 साल, केरल

हादसे में लीजू लॉरेंस ने भी जान गंवा दी, लीजू लॉरेंस की उम्र 28 साल थी और वो केरल के तिरुअनंतपुरम् के रहने वाले थे. कुछ महीनों पहले ही लीजू लॉरेंस रूस से आए थे और उन्होंने पांच जून 2013 को शादी की थी.

लीजू लॉरेंस के भाई बीजू लॉरेंस ने बताया, "जब से लीजू की पत्नी को इस हादसे का पता चला है तब से वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठी हैं.

वो कभी रोती हैं तो कभी बेहोश हो जाती हैं. तो कभी दिवंगत लीजू लॉरेंस की वर्दी पहन कर बैठ जाती हैं. उन्हें डिफेंस के अस्पताल में भी इलाज के लिए ले जाया गया."

लीजू के भाई बीजू लॉरेंस बताते हैं, "लीजू इन दो महीनों में काफी व्यस्त थे और शादी के बाद उऩ्हें अपने परिवार के साथ वक्त बिताने का मौका ही नहीं मिला.

वो बहुत जल्द ही छुट्टी के लिए अर्जी देने वाले थे और अपनी पत्नी के साथ कश्मीर घूमने जाने वाले थे, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंज़ूर था."

अतुल शर्मा, उम्र 23 साल, हिमाचल प्रदेश

अतुल शर्मा
नौसैनिक अतुल शर्मा हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से हैं.

अतुल शर्मा के करीबी दोस्तों ने बताया कि वो बहुत ही होनहार और खुशदिल इंसान थे. उन्हें बाइक की सवारी और गाने गुनगुनाना बहुत पसंद था. जब भी छुट्टी मिलती तो वो हमेशा वैष्णो देवी के मंदिर जाना पसंद करते थे.

14 अगस्त की रात 11 बजकर 58 मिनट पर पनडुब्बी सिंधुरक्षक हादसे का शिकार हुई. उस हादसे के दो मिनट बाद ही अतुल शर्मा का जन्मदिन आने वाला था. लेकिन जन्मदिन के आने से पहले ही वो इस हादसे का शिकार बन गए.

उनके परिवार वाले उन्हें जन्मदिन की बधाइयां देने के लिए बेकरार थे. उनके पिता आशीर्वाद देने के लिए फोन लगाते रहे लेकिन फोन नहीं लगा और जब इस हादसे की खबर आई तो उनके परिवार के पैरों तले से ज़मीन खिसक गई.

घर में सन्नाटा पसर गया. अतुल अपने परिवार के सबसे बड़े बेटे थे. माता-पिता ने अपना जवान बेटा खोया. इस बेटे को लेकर उन्होंने बहुत से सपने संजोए थे. शादी कराने के बाद उनके बहुत से अरमान थे. मगर सब टूट गए. अतुल के छोटे भाई और चाचा मुंबई आए हैं.

केवल सिंह, उम्र 28 साल, जम्मू और कश्मीर

केवल सिंह कुछ दिन पहले ही छुट्टी से लौटे थे. उन्होंने छुट्टी इसलिए ली थी, क्योंकि उनके घऱ में एक नया मेहमान आया था. पिता बनने की खुशी में उन्होंने लौटते ही अपने सभी दोस्तों के बीच मिठाइयां बांटी थीं.

अपनी गोद में बच्चे की किलकारियों से उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था, लेकिन ये खुशी ज़्यादा दिनों तक टिक नहीं पाई.

हादसे के बाद उनका परिवार पूरी तरह से टूट गया है.

केवल सिंह की पत्नी इस सदमे से उबर नहीं पा रही है. उन्हें इस बात का यकीन ही नही है कि कुछ दिन पहले जो उनके बीच में थे, अब वो कहीं दूर जा चुके हैं.

उस बच्चे का क्या, जो अभी इस दुनिया में आया है और उसे तो ये भी नहीं मालूम कि पिता और पिता का प्यार होता क्या है.

केवल सिंह के परिवार से उनके बड़े भाई के साथ दो लोग मुंबई आए हैं..

दसारी प्रसाद, 34 साल, आंध्र प्रदेश

विशाखापत्तनम् के गोपालपत्तनम् के रहने वाले दसारी प्रसाद के परिवार में उनके माता-पिता, उनकी पत्नी और चार साल की बेटी है. कुछ दिन बाद ही दसारी प्रसाद छुट्टी पर जाने वाले थे, लेकिन ये हादसा हो गया.

उनकी पत्नी गर्भवती हैं और कभी भी उनके घर में नया मेहमान आ सकता है.

दसारी प्रसाद का कुछ दिन पहले ही विशाखापत्तनम् से मुंबई की पनडुब्बी सिंधुरक्षक में तबादला हुआ था. वो काफी खुश थे, क्योंकि बहुत जल्द ही अपने परिवार वालों से मिलने वाले थे.

उन्हें इंतज़ार था अपने घर आने वाले उस मेहमान का जिसे वो अपनी गोद में खिलाने वाले थे, लेकिन अफ़सोस ऐसा नहीं हो सका.

अपने आने वाले शिशु की शक्ल देखने की चाहत लिए ही दसारी प्रसाद इस हादसे का शिकार हो गए.

चार साल की बेटी को इंतज़ार है अपने पिता का और उसे उम्मीद है कि पापा जल्दी घर वापस आएंगे

दर्दनाक हादसा

धमाके के वक़्त सिंधुरक्षक में 18 नौसैनिक सवार थे जिनमें तीन अधिकारी और 15 नाविक थे.

अधिकारियों में लेफ़्टिनेंट कोमोडोर निखिलेश पाल, लेफ़्टिनेंट कोमोडोर आलोक कुमार और लेफ़्टिनेंट कोमोडोर आर वेंकटराज शामिल थे.

सैनिकों में संजीव कुमार, केसी उपाध्याय, टिमोथी सिन्हा, केवल सिंह, सुनील कुमार, दसारी प्रसाद, लीजू लॉरेंस, राजेश टूटिका, अमित के सिंह, अतुल शर्मा, विकास ई, नरोत्तम देउरी, मलय हलदर, विष्णु वी और सीताराम बडापल्ली शामिल थे.

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