BBC navigation

नियमगिरि: वेदांता को नौवीं ग्राम सभा से भी झटका

 गुरुवार, 1 अगस्त, 2013 को 20:15 IST तक के समाचार
नियमगिरी पर्वत

आदिवासी नियमगिरी पर्वत को देवता मानते हैं.

जिस समय लंदन में ब्रितानी कंपनी वेदांता की वार्षिक बैठक हो रही है, नियमगिरि क्षेत्र के एक और आदिवासी गांव ने इस कंपनी की खनन परियोजना को नामंजूर कर दिया है.

लांबा में हुई ग्राम सभा के बाद अब परियोजना को अस्वीकार करने वाले गांवों की तादाद नौ हो गई हैं. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के कहने पर इनका गठन किया था.

लांबा आदिवासी ग्राम सभा की बैठक का नतीजा भी पहले हुई आठ सभाओं की तरह ही रहा.

क्लिक करें बच गया आदिवासियों का नियमगिरी

ग्राम सभा के सदस्य गांव में लगाए गए शामियाने में जमा हुए. उड़िया भाषा में कार्यवाई की घोषणा हुई. लांबा के 38 मौजूद मतदाताओं ने आदिवासियों की स्थानीय ज़बान कुई में अपना फैसला सुना दिया –‘हम नियमगिरि पर्वत में खनन नहीं होने देंगे.’

साल 2003 में राज्य सरकार ने ओडिशा खान निगम और क्लिक करें वेदांता कंपनी के बीच हुए समझौते के तहत वेदांत को 15 लाख टन बॉक्साइट खनन की इजाज़त दी गई है.

समझौते का विरोध

12 में से नौ  ग्राम सभाएं वेदांता की परियोजना ख़ारिज कर चुकी हैं.

12 में से नौ ग्राम सभाएं वेदांता की परियोजना ख़ारिज कर चुकी हैं.

ये समझौता 30 साल तक के लिए है.

नियमगिरी पर्वत को भगवान और ख़ुद को उनका वंशज मानने वाले डोंगरिया कोंध, झरनिया और कुटिया आदिवासी इस क्लिक करें परियोजना का विरोध कर रहे हैं.

चंद दिनों पहले मैंने डोंगरिया के मंडोल जानी यानी सबसे बड़े सरदार लदो सिकाका से पूछा कि, "परियोजना से रोज़गार उपलब्ध होंगे तो आप इसका विरोध क्यों कर रहे हैं?"

उन्होंने कहा, “हम इस जंगल से जुड़े हैं. कंपनी हमें हमारी ज़िंदगी गुज़ारने का तरीक़ा नहीं दे सकती है. वो पैसा देंगे तो भी कोई फ़ायदा नहीं होगा क्योंकि वो नहीं रहेगा.”

19 अगस्त को होने वाली अंतिम ग्राम सभा की बैठक के बाद गांव वालों के फैसले की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे क्लिक करें फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और क्लिक करें ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.