अमर्त्य सेन बनाम भगवतीः किसने क्या कहा?

  • 26 जुलाई 2013
नरेन्द्र मोदी
मोदी के मुद्दे पर सेन और भगवती में ठनी है

दो प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों जगदीश भगवती और अमर्त्य सेन के बीच गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ठन जाना लोगों के बीच एक चर्चा का विषय बन गया है.

भारत रत्न और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अमर्त्य सेन को जहाँ ग़रीबी और विकास पर उनके विचारों के लिए जाना जाता है, वहीं भगवती व्यापार पर किए गए कामों के लिए मशहूर हैं.

कई मुद्दों पर दोनों में मतभेद भी हैं और वे बेबाकी से इन मतभेदों पर जब-तब अपनी बात रखते हैं. मगर आइए जानते हैं कि मोदी के विकास के मॉडल पर इस बार अमर्त्य सेन और भगवती ने क्या कहा.

सेन ने टेलीविज़न चैनल सीएनएन-आईबीएन को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “एक भारतीय नागरिक होने के नाते मैं नहीं चाहता हूँ कि मोदी प्रधानमंत्री बनें. उन्होंने अल्पसंख्यकों में सुरक्षा का भाव जगाने के लिए पर्याप्त काम नहीं किया है.”

उन्होंने कहा, “हम भारतीय ऐसी स्थिति नहीं चाहते हैं जहाँ अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस करें और सोचें कि 2002 में उनके ख़िलाफ़ संगठित हिंसा हुई थी. ये एक भयावह रिकॉर्ड है. एक भारतीय नागरिक होने के नाते मैं ऐसा प्रधानमंत्री नहीं चाहूँगा जिसका ऐसा रिकॉर्ड हो.”

गुजरात मॉडल

सेन
अमर्त्य सेन को गरीबी और विकास पर उनके विचारों के लिए जाना जाता है.

गुजरात के विकास मॉडल को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, “गुजरात में आधारभूत ढाँचा ठीक हो सकता है लेकिन उन्हें इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए कि वहाँ शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति बदतर है. उन्हें इन पर ध्यान देना चाहिए.”

सेन के इस बयान के बाद भाजपा सांसद चंदन मित्रा ने उन्हें दिए गए भारत रत्न को वापस लिए जाने की मांग तक कर डाली.

लेकिन ने अमर्त्य सेन ने अपनी बात पर अडिग रहते हुए इंडियन एक्सप्रेस के आइडिया एक्सप्रेस प्रोग्राम में कहा, “गुजरात खासकर सामाजिक क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है. वहाँ शिक्षा की गति मंद है, औसत उम्र कम है, पुरुषों और महिलाओं की संख्या में बहुत अंतर है और स्वास्थ्य व्यवस्था बदतर है.”

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भगवती ने कहा कि न तो उन्हें मोदी से कोई ख़ास लगाव है और न राहुल गाँधी से लेकिन उन्होंने मोदी की सरकार के कामकाज की तारीफ की.

प्रतिक्रिया

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भगवती ने कहा, “मैं मोदी को वोट नहीं दूंगा. मुझे उनसे कोई खास लगाव नहीं है लेकिन मुझे राहुल गांधी से भी कोई लगाव नहीं है.”

उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि सभी प्रगतिशील लोग, चाहे वे जिस भी पार्टी के हों, वे हमारे प्रस्तावित विचारों को देखें और बताएं कि उनका क्या रुख़ है और वे इन विचारों के साथ क्या करने जा रहे हैं?”

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि मोदी का क्या मॉडल है? गुजरात में जो हुआ उससे तेज़ आर्थिक वृद्धि हुई है. उन्होंने तेज़ी के साथ लाइसेंस दिलवाए और बिजली की आपूर्ति बढ़वाई जो एक बड़ी समस्या थी. इसी तरह विकास होता है और मैं ये भी पाता हूँ कि सामाजिक प्रगति भी हुई.”

भगवती ने मिंट अख़बार में प्रकाशित एक स्तंभ में लिखा, “गुजरात ने विकास किया है और उसके सामाजिक सूचकांकों में भी उल्लेखनीय बदलाव हुए हैं. केरल किसी भी तरह विकास का मॉडल नहीं हो सकता जिसका उदाहरण सेन लंबे समय से देते आए हैं. अब वह बांग्लादेश की बात करते हैं लेकिन वह भी आदर्श नहीं है.”

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