खाने के लिए कितने पैसे पर्याप्त?

  • 26 जुलाई 2013

इस हफ्ते की शुरुआत में योजना आयोग ने कहा था कि पिछले सात सालों में गरीबी रेखा के नीचे रह रहे भारतीयों की संख्या में 22 प्रतिशत की कमी आई है.

आयोग के अनुसार ये आंकडे साल 2004-05 से 2011-2012 से बीच लिए गए है. हालांकि आलोचकों ने इन आंकड़ो को खारिज करते हुए गलत बताया.

अब इन आंकड़ो के बचाव में कांग्रेस के नेताओं के बयानों की झड़ी लग गई है.पहले कांग्रेस के नेता राज बबर ने कहा कि मुंबई में 12 रुपए में पेटभर भोजन मिल सकता है, हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान का खंडन किया.

इसके बाद कांग्रेस की एक और नेता राशिद मसूद ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली के जामा मस्जिद में तो पांच रुपए में भोजन के लिए पर्याप्त है.

तो नेशनल कॉफ्रेंस के नेता फ़ारुख अब्दुला ने तो एक रुपए ही काफी बताए. लेकिन जिस तरह से मंहगाई की दर बढ़ रही है क्या आप इस बात से सहमत है?

इस शनिवार 27 जुलाई को भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे इसी विषय पर होगी बहस बीबीसी हिंदी रेडियो के कार्यक्रम बीबीसी इंडिया बोल में. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आप सीधे 1800-11-7000 और 1800-10-27001 पर मुफ़्त फ़ोन भी कर सकते हैं.

इस कार्यक्रम में शामिल होना अब हुआ और आसान.

अब आप बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक पन्ने पर जाकर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं और कार्यक्रम में भी शामिल हो सकते हैं. अथवा अपना फ़ोन नंबर हमें ई-मेल के ज़रिए bbchindi.indiabol@gmail.com पर भेज सकते हैं, ताकि हम आपसे संपर्क कर सकें.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए क्लिक करें. आप बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक पेज पर जाकर भी अपनी राय रख सकते हैं. साथ ही ट्विटर पर भी आप हमें फॉलो कर सकते हैं)