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भारतीय सैनिक समझ नहीं पाए कि ड्रोन है या ग्रह

 शुक्रवार, 26 जुलाई, 2013 को 13:22 IST तक के समाचार
बारत-चीन सीमा

खबरों के अनुसार भारतीय सैनिकों ने अपन उड़ान क्षेत्र का उल्लंघन कर रहे चीनी ड्रोन विमानों को देखने में ही छह महीने बिता दिए. बाद में पता चला कि वो वास्तव में बृहस्पति और शुक्र ग्रह थे.

हाल के बर्षों में हिमालयी सीमा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. क्लिक करें भारत अपने पड़ोसी देश पर अपनी सीमा के भीतर घुसपैठ करने का आरोप लगाता रहा है.

इस साल अप्रैल में दोनों देश आमने-सामने आ गए थे, जब चीनी सैनिकों पर भारतीय सीमा में शिविर बनाने का आरोप लगा. यहाँ पर सीमा को लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के रूप में जाना जाता है.

ग्रह या ड्रोन

कोलकाता के अंग्रेजी अख़बार क्लिक करें टेलीग्राफ के मुताबिक़ सीमा क्षेत्र की एक झील के ऊपर पिछले साल अगस्त से फ़रवरी तक क्लिक करें भारतीय सैनिकों ने एक अज्ञात वस्तु के 329 बार देखे जाने की रिपोर्ट दी है.

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अख़बार ने क्लिक करें सेना के सूत्रों के हवाले से कहा है कि इस वस्तु ने 155 बार एलएसी का उल्लंघन किया.

इसके बाद इस वस्तु की पहचान करने के लिए सेना ने भारतीय खगोल विज्ञान संस्थान से संपर्क किया.

खगोल वैज्ञानिक सेवा के तुषार प्रभु ने अख़बार से कहा,''हमारा मक़सद यह पता लगाना था कि यह अज्ञात वस्तु आकाशीय है या प्रृथ्वी की.''

केवल एक बार इस अज्ञात वस्तु की गति की पहचान ग्रहों की गति के रूप में की गई.

अख़बार ने सलाह दी है कि संतरी को माफ़ कर देना चाहिए, क्योंकि ऊंचाई पर अलग वातावरण के कारण ग्रह ज्यादा चमकीले नजर आते हैं और उस इलाके में जासूसी विमानों का भी बहुत अधिक इस्तेमाल किया जाता है.

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