मुख्य मंत्री गहलोत के फेसबुक लाइक्स फ़र्ज़ी: बीजेपी

  • 10 जुलाई 2013
बीजेपी के अनुसार अशोक गहलोत के फ़ेसबुक पन्ने पर ज्यादातर नए लाइक्स तुर्की से है.

राजस्थान में चुनाव निकट आते देख सतारूढ़ कांग्रेस और प्रतिपक्षी बीजेपी में सोशल मीडिया के जंग-ए-मैदान में लड़ाई तेज हो गई है.

बीजेपी का आरोप है कांग्रेस अपनी लोकप्रियता बढाने के लिए सोशल मीडिया का दुरूपयोग कर रही है.

बकौल बीजेपी, मुख्य मंत्री अशोक गहलोत के फेस बुक पेज पर बढ़ते हुए 'लाइक्स' फर्जी है. बीजेपी का कहना है कि इन लाइक्स में यकायक तुर्की के फ़ेसबुक यूज़र भी शामिल हो गए हैं.

बीजेपी को पता लगा है कि गहलोत के फ़ेसबुक के पन्ने को लाइक करने वालों में इस्तांबुल के यूज़र बहुतायत में है.

कांग्रेस ने बीजेपी के आरोप को निराधार बताया है और कहा है कि ये दुनिया जानती है बीजेपी ऐसे खेल में माहिर है.

(पढ़िए: सोशल मीडिया, सियासत और समाज)

लाइक्स में उछाल

बीजेपी प्रवक्ता ज्योति किरण के मुताबिक, मुख्य मंत्री के फेस बुक पेज पर सहसा लाइक्स में बढ़ोतरी दर्ज हुई है. कुर्सी की इस जंग में दोनों पार्टियां एक दूसरे के सोशल मीडिया तन्त्र और गतिविधियों पर नजर रखे हुए है.

बीजेपी प्रवक्ता किरण कहती है गहलोत के पेज पर मई 5 को लाइक करने वालो का आंकड़ा 1,69,077 था. फिर इसमें एकाएक उछाल आया और 30 जून को ये आंकड़ा बढ़कर 2,14,369 हो गया.

किरण ने कहा, "हमारे आई टी सेल ने दरयाफ्त की और पता लगाया कि इसमें बहुत सारी लाइक्स तुर्की के इस्तांबुल से आई है. लिहाजा कांग्रेस इसका जवाब दें."

बीजेपी नेता कहतीं हैं कि इस पर संदेह करना वाजिब है, क्योंकि एकदम से इसमें इजाफा हुआ है.

उधर कांग्रेस प्रवक्ता अर्चना शर्मा ने बीजेपी के इस आरोप को हास्यास्पद बताया है.

कांग्रेस का जवाब

उन्होंने कहा, ''जब बीजेपी को कोई मुद्दा नहीं मिला तो सुर्खिया बटोरने के लिए ये नया हथकंडा इस्तेमाल किया है. वे पहले भी झूठे आरोप लगाते रहे हैं, ये उन्होंने गुजरात के मुख्य मंत्री नरेन्द्र मोदी से सीखा है. बीजेपी खुद सोशल मीडिया का दुरूपयोग करते कई बार एक्सपोज हो चुकी है."

राजस्थान में विगत विधान सभा चुनाव में सामाजिक मुद्दे और समीकरण तो थे मगर राजनैतिक दलों के आँगन में सोशल मीडिया गैरहाजिर था. लेकिन अब लगता है सोशल मीडिया भी लड़ाई का एक बड़ा हथियार बन गया है.

सोशल मीडिया के क्षेत्र में बीजेपी अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से बहुत आगे है. बीजेपी की वेब साईट कांग्रेस से अधिक संगठित है. साथ ही बीजेपी की सोशल मीडिया इकाई अधिक पारंगत है.

ज्योति किरण ने कहा, ''ये आज के दौर में एक अहम उपकरण है अपनी बात लोगों तक पहुँचाने के लिए, हम इसके ज़रिये युवा वर्ग को जोड़ते है. अपना दृष्टिकोण लोगों तक सम्प्रेषित करने के लिए ये एक अच्छा माध्यम है, साथ ही राज्य बीजेपी अध्यक्ष वसुंधरा राजे की सूरज यात्रा की जानकारियां भी इसके जरिये लोगो तक पहुंचाई जाती है."

सोशल मीडिया पर जंग

कांग्रेस के स्तर पर अभी सोशल मीडिया के नाम पर महज मुख्य मंत्री का फेस बुक पेज है.

बीजेपी ने अपनी आई टी सेल को मुस्तेद कर रखा है. वे इस काम को ज़िलों तक पहुँचाना चाहते है और अभी संभाग स्तर तक काम कर रही है.

ज्योति किरण ने कहा, ''चूँकि अशोक गहलोत प्रतिद्वंद्वी है तो हमारी टीम उनके पेज पर नजर रखती है. इसलिए जब उनके पन्ने पर लाइक्स की संख्या बढ़ी तो हमें जानने की जिज्ञासा हुई और पता लगा कि ये लाइक्स तुर्की से है."

उधर सतारूढ़ कांग्रेस सोशल मीडिया में बहुत धीमे चल रही है. हाल में कांग्रेस सांसद प्रिया दत्त ने जयपुर का दौरा किया और सोशल मीडिया को मजबूत करने के सीख दी.

(पढ़े: सोशल मीडिया पर गड़ी राजनीतिक दलों की नज़र)

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "हम जल्द ही एक टीम को इसमें प्रशिक्षित करेंगे, अभी हम अपने काम पर ध्यान दे रहे है."

कांग्रेस के स्तर पर अभी सोशल मीडिया के नाम पर महज मुख्य मंत्री का फेस बुक पेज है. एक कांग्रेस नेता कहते है दरअसल बीजेपी ने पिछले दिनों बाहर से कोई टीम बुलाई थी, जो उन्हें सोशल मीडिया के दुरूपयोग के गुर सीखा कर गई है.

पहले राजनैतिक दल और नेता अपनी चुनावी लड़ाई उसूलो के इजहार से लड़ते रहे फिर लड़ाई का जरिया इश्तहार हो गई. अब भारत में राजनीति ने और प्रगति की और इसमें अब सोशल मीडिया एक नया हथियार है.

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