BBC navigation

'एक घंटे तक इशरत पर बरसी थीं गोलियां'

 गुरुवार, 4 जुलाई, 2013 को 23:27 IST तक के समाचार
इशरत जहां एनकाउंटर

इशरत जहां मामले में नौ साल बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया है

बुधवार को अहमदाबाद की विशेष सीबीआई अदालत में पेश की गई पहली चार्जशीट में सीबीआई ने कहा है कि गुजरात पुलिस के अधिकारियों एन.के. अमीन, जेजी परमार, तरुण बारोट, मोहन कलश्व और अंजु चौधरी ने 9 एम एम पिस्टल, रिवॉल्वर, एके -47 और स्टेनगन का इस्तेमाल करके इशरत और उसके दोस्तों को मारा था.

चार्जशीट मे कहा गया है कि गुजरात पुलिस के पाँच अधिकारियों ने इशरत जहाँ और उसके तीन दोस्तों को मारने के लिए 67 राउंड गोलियां चलाईं. 15 जून 2004 की सुबह 4 बजे शुरू हुआ गोलियों का तांडव एक घंटे तक चला.

इस मुठभेड़ में इशरत के अलावा जावेद शेख उर्फ प्राणेश पिल्लई, अमजद अली राणा और जीशान जौहर इस क्लिक करें फर्जी मुठभेड़ में मारे गए थे.

क्लिक करें (इशरत को फ़र्जी मुठभेड़ में मारा गया: सीबीआई)

उन्हें मारने के बाद कमांडो मोहन कलश्व को कथित रुप से एक एके 56 राइफल दी गई और कहा गया कि वह एन.के. अमीन के सरकारी वाहन पर गोलियां दागे.

सीबीआई का कहना है कि एके 56 राइफल तरुण बारोट दिखाने के लिए लाए थे. फायरिंग के बाद इसे अमजद अली राणा के मृत शरीर के पास रख दिया गया था.

जाँच

गुजरात उच्च न्यायालय ने इशरत जहाँ क्लिक करें मुठभेड़ की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी थी.

चार्जशीट के मुताबिक़ आईबी और गुजरात पुलिस ने जीशान जौहर को 48 दिन से अपने पास बंदी बना कर रखा हुआ था.

अमजद अली इनके पास पिछले 20 दिनों से थे जबकि इशरत और जावेद 12 तारीख़ को गुजरात आए थे, जिन्हें क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया था.

सीबीआई ने अदालत को बताया है कि आईबी अधिकारियों राजिंदर कुमार, पी मित्तल, एम.के. सिन्हा और राजीव वानखेड़े के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर की जाएगी और उनके खिलाफ जांच की अनुमति मांगी गई है.

तमाम सवाल

"मुठभेड़ के एक दिन पहले पुलिस निरीक्षकों डी.एच. गोस्वामी और के.एम. वाघेला ने अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के डीसीपी डीजी वंजारा से कहा था कि इशरत जहाँ को जाने दिया जाए क्योंकि सीधे आतंकवाद से उसका संबंध नहीं है."

सीबीआई

लेकिन आखिर क्यों एक फर्जी मुठभेड़ में 19 वर्ष वर्षीय कॉलेज छात्रा को मार डाला गया? मुंबई के गुरु नानक खालसा कॉलेज की छात्रा इशरत जहाँ की मौत के पीछे वजह क्या थी?

ऐसे कई सारे सवालों के जवाब सीबीआई अनुपूरक चार्जशीट में 26 जुलाई को देगी. अपनी पहली चार्जशीट में सीबीआई ने कहा है कि क्लिक करें गुजरात पुलिस के कुछ अधिकारियों ने इशरत को मारने से मना किया था.

ग़लती होगी

मुठभेड़ के एक दिन पहले पुलिस निरीक्षकों डी.एच. गोस्वामी और के.एम. वाघेला ने अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के डीसीपी डीजी वंजारा से कहा था कि इशरत को जाने दिया जाए क्योंकि सीधे आतंकवाद से उसका संबंध नहीं है.

चार्जशीट के अनुसार पुलिस इंस्पेक्टरों ने वंजारा को कहा था कि यह लड़की की हत्या एक बड़ी गलती होगी.

सीबीआई की चार्जशीट में इन पुलिस इंस्पेक्टरों के बयान दर्ज हैं.

चार्जशीट के अनुसार दो पुलिस अधिकारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का विरोध किया और इशरत और उसके दोस्तों पर गोली चलाने से इनकार कर दिया था. पुलिस इंस्पेक्टर इब्राहिम चौहान और कमांडो मोहन नानजी का भी बयान चार्जशीट में दर्ज हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए क्लिक करें यहां क्लिक करें. आप हमें क्लिक करें फ़ेसबुक और क्लिक करें ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.