उत्तराखंडः मौसम और इंसानी कोशिशों की जंग

  • 24 जून 2013

प्रलयंकारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही के बीच एक बार फिर उत्तराखंड में मौसम बिगड़ गया है. मौसम के खराब होने से राहत और बचाव सुचारू रुप से चलाने में दिक्कतें आ रही है.

खराब मौसम के कारण राहत कार्यों में लगी सेना और स्वैच्छिक संस्थाओं को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.

देहरादून में आज सुबह से ही बारिश हो रही है. इस बारिश के कारण शुरू के कुछ घंटे हेलीकॉप्टर उड़ान ही नहीं भर पाए.

कुछ देर इंतजार के बाद जब सहस्त्रधारा हेलीपैड से चार हेलीकॉप्टर उड़े भी तो उन्हें वापस लौटना पड़ा.

बारिश भी, धुंध भी

राहत कार्यों में सुबह से हो रही बारिश ही बाधा नहीं बन रही बल्कि इसके साथ-साथ पहाड़ी इलाकों में छाई धुंध भी समस्या पैदा कर रही है.

चारों तरफ धुंध के छा जाने से विजबिलीटी कम हो गई है यानि आस पास कुछ भी देखने में दिक्कतें पेश आ रही है.

सेना का यह अब तक का देश का सबसे बड़ा राहत और बचाव अभियान है. सेना के इस अभियान को ऑपरेशन 'सूर्या होप' नाम दिया है.

इस अभियान का तीसरा चरण शुरू हो चुका है. इस तीसरे चरण में सड़क के रास्ते और पैदल मार्ग से फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है.

अगले तीन दिन तक बारिश

इस राहत और बचाव कार्य में सेना पर्वतारोहियों की भी मदद ले रही है.

मगर मुश्किल यह भी है कि प्रभावित इलाकों में सड़कें कई कई जगहों पर धंस गई हैं. चट्टानों का दरकना भी जारी है.

सड़कों के धंसने और चट्टानों के दरकने के कारण सड़क का रास्ता भी कम जोखिम भरा साबित नहीं हो रहा.

राज्य के मौसम विभाग ने आज से तीन दिनों तक राज्य के गढ़वाल और कुमांऊ दोनों ही मंडलों के कई इलाकों में बारिश और तेज बौछार होने का अनुमान दिया है.

ताजा जानकारी के अनुसार कई इलाकों में बारिश के बावजूद राहत और बचाव का काम जारी है.

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