उत्तराखंड: बारिश के बाद हेलिकॉप्टरों की उड़ान फिर शुरु

  • 23 जून 2013
उत्तराखंड
बाढ़ में रास्तों को भी नुकसान हुआ जिससे संपर्क मुश्किल हो गया है

बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित राज्य उत्तराखंड में हजारों लोग अब भी फंसे हुए हैं. आने वाले दिनों में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

उत्तराखंड के कई इलाकों में रात को बारिश हुई, जिससे राहत और बचाव के काम में बाधा आई. लेकिन अब हेलिकॉप्टरों ने फिर से उड़ान भरनी शुरु कर दी है. खराब मौसम के कारण पहले ये उड़ानें रोक दी गई थीं.

ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून में शनिवार दोपहर को हुई छिटपुट बारिश के बाद देर रात फिर तेज़ बारिश शुरू हो गई थी.

अधिकारियों से बीबीसी की बातचीत में इस बात का अंदेशा मिला है कि ऊंचाई पर जिन पहाड़ों पर लोग अभी राहत और बचाव की आस लगाए बैठे हैं, वहां भी बारिश के आसार हैं.

उत्तर भारत में समय से पहले ही मॉनसून की बारिश ने भारी तबाही मचाई है जिसमें अब तक लगभग छ सौ लोगों के मारे जाने की पुष्टि की जा चुकी है.

तालमेल की 'कमी'

सेना के जवान पहाड़ी इलाकों में फंसे हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं.

अधिकारियों का कहना है कि 70 हजार से ज़्यादा लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है.

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का कहना है कि पीड़ितों तक खाना पहुंचाना सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है.

बहुत से स्थानीय लोग राहत एजेंसियों पर अपनी अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि प्रशासन पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को ज़्यादा तवज्जो दे रहा है.

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में आई आपदा के लगभग एक सप्ताह बाद कहा है कि युद्धस्तर पर काम किए बग़ैर राहत और बचाव मुमकिन नहीं है और राहत एजेंसियों में तालमेल की कमी से बाधा आ रही है. हालांकि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने तालमेल की कमी से इनकार किया.

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