बाढ़: 130 मौतें, शिव की नगरी में तांडव

  • 19 जून 2013
केदारनाथ मंदिर
केदारनाथ मंदिर के आस-पास भारी तबाही मची है.

मॉनसून की बारिश से उत्तर भारत के कई राज्यों में आई अचानक बाढ़ की चपेट में अब तक 130 जानें आ चुकी हैं और अलग-अलग इलाक़ों में हज़ारों लोग फंसे हुए हैं जबकि सैंकड़ों के बारे में कोई ख़बर नहीं मिल पा रही है.

क़ुदरत का क़हर सबसे ज़्यादा पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बरपा हुआ.

मंगलवार को बारिश का ज़ोर कुछ कम हुआ तो पहली बार पता चला कि तबाही किस क़दर हुई है.

उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन विभाग ने अब तक 54 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है लेकिन गढ़वाल के आयुक्त सुवर्धन ने कहा है कि मरने वालों की संख्या 200 से 300 के बीच हो सकती है.

उनके अनुसार अभी कई ऐसे इलाक़े हैं जहां से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है इसलिए आपदा का सही आकलन करना अभी मुश्किल है. उन्होंने आशंका जताई कि जान-माल का नुक़सान अधिक हो सकता है.

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार चार धाम के रास्ते बंद हो जाने के कारण लगभग 70 हज़ार तीर्थयात्री अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं.

केदारनाथ

लेकिन शायद सबसे ज़्यादा तबाही रूद्रप्रयाग ज़िले में स्थित शिव की नगरी केदारनाथ में हुई. केदारनाथ मंदिर का मुख्य हिस्सा और सदियों पुराना गुंबद तो सुरक्षित है लेकिन प्रवेश द्वार और आस-पास के सारे इलाक़े या तो बह गए हैं या पूरी तरह तबाह हो गए हैं.

केदारनाथ में तैनात ज़िले के पुलिस उपाधीक्षक आर डिमरी के अनुसार मंदिर के गर्भगृह में पानी और मलबा भर गया है.

राज्य के एक अधिकारी ने इलाक़े का दौरा करने के बाद पत्रकारों को बताया कि मंदिर के आस-पास लगभग 50 शव पड़े हुए हैं. इस तरह अकेले उत्तराखंड में मरने वालों की संख्या 100 को पार कर गई है.

मंगलवार को बारिश रूकने के बाद राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी देखी गई. एक दर्जन से अधिक हेलिकॉप्टर राहत कार्यों में लगे हुए हैं और उम्मीद है कि बुधवार को और 10 हेलिकॉप्टर तैनात कर दिए जाएंगे.

केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने मंगलवार को दिल्ली में कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज़ इलाक़ों में खाना, दवाएं और कंबल गिराए जा रहे हैं.

ऋषिकेश शहर
ऋषिकेश शहर में शिव की इस मूर्ति के चारों तरफ़ पानी भर गया है.

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी मंगलवार को दोनों राज्यों को राहत और बचाव अभियानों में पर्याप्त मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी मंगलवार को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और बाढ़ पीड़ितों को फ़ौरन राहत पहुंचाने के निर्देश दिए.

उत्तर प्रदेश

राहत कार्य
बारिश में कमी के बाद मंगलवार को राहत कार्यों में तेज़ी आई.

राज्य के कई इलाक़ों में हुई भारी बारिश और कई बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण राज्य में चेतावनी जारी कर दी गई है. उत्तराखंड से सटे सहारनपुर ज़िले में 15 लोग मारे जा चुके हैं. मंगलवार को राज्य के अलग-अलग इलाक़ों से मिली ख़बर के अनुसार बारिश से जुड़े हादसों में कुल चार लोग मारे गए हैं.

दिल्ली

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में आई बाढ़ का असर राजधानी दिल्ली पर भी देखा जा रहा है. यहां भी बाढ़ का ख़तरा बना हुआ है. यमुना का जलस्तर ख़तरे के निशान से काफ़ी ऊपर बढ़ गया है.

पूर्वी दिल्ली के निचले इलाक़ों में रह रहे लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है.

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