कोयला घोटाला: नवीन जिंदल की कंपनी पर एफ़आईआर

  • 11 जून 2013

कोल ब्लॉक आवंटन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कांग्रेस के सांसद नवीन जिंदल की कंपनी समेत चार कपनियों पर नया मामला दर्ज किया है.

कोयले की खान
कोल ब्लॉक आबंटन पर कैग की रिपोर्ट पर संसद में काफी हंगामा हुआ था

जिन कंपनियों पर मामले दर्ज हुए हैं, उनमें जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड, गगन स्पांज और दो अन्य कंपनियां शामिल हैं. इस घोटाले में सीबीआई अबतक 12 एफआईआर दर्ज कर चुकी है.

सीबीआई की ओर से भेजे गए एक एसएमएस के मुताबिक इन कंपनियों के दिल्ली और हैदराबाद स्थित 15 ठिकानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई चल रही है.

समाचार एजंसियों के मुताबिक़ सीबीआई को ओर से दर्ज किए गए एफआईआर में कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल और पूर्व कोयला राज्य मंत्री दसाई नारायण राव का नाम भी है.

भाजपा ने किया स्वागत

मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने सीबीआई के इस क़दम को देर से उठाया गया क़दम बताते हुए स्वागत किया है. पार्टी ने मांग की है कि सरकार इस मामले में पूर्व कोयला सचिव से पूछताछ की इजाजत सीबीआई को दे.

सीबीआई के छापों की ख़बर आने के बाद भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा, "यह अच्छी बात है कि जांच एजेंसी ने कांग्रेस सांसद और एक पूर्व राज्य मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया है".

उन्होंने कहा कि सीबीआई को इस बात का पता लगाना चाहिए कि इस मामले में किसने किसको पैसा दिया, कहाँ दिया और कितना दिया.

भाजपा ने कहा कि इस घोटाले के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं, क्योंकि जिस समय का यह मामला है उस समय कोयला मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास था.

जावड़ेकर ने मांग की कि 2006 से 2009 के बीच आवंटित की गई हर कोयला खदान की जांच की जाए.

कोयला घोटाला

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ कोयला घोटाला एक लाख 86 हज़ार करोड़ रुपए का अनुमानित घोटाला है.

कैग ने कहा था कि निजी कंपनियों को कोयले की खानें मिलने से सरकार को 1.86 लाख करोड़ का नुक़सान हुआ. इन कंपिनयों को कोयला की खाने बिना कोई बोली लगाए दी गई थीं.

इस घोटाले में सीबीआई अबतक 12 एफआईआर दर्ज कर चुकी है

विश्लेषकों का कहना था कि अगर इन कोयला खानों की नीलामी की गई होती तो सरकार को इतना घाटा नहीं उठाना पड़ा होता.

कैग की रिपोर्ट के मुताबिक एसार पावर, हिंडाल्को, टाटा स्टील, टाटा पावर, जिंदल स्टील एंड पावर सहित 25 कंपनियों को विभिन्न राज्यों में कोयले की खानें दी गईं.

कैग की यह रिपोर्ट संसद में पेश की गई थी.

सीबीआई ने कोयला आवंटन मामले में धोखाधड़ी के आरोप में कई लोगों के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज की है. इनमें कंपनी, कंपनियों के मालिक, कोयला मंत्रालय के अज्ञात अधिकारी और राज्य सरकार के अधिकारी शामिल हैं.

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