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'सोशल मीडिया की सक्रियता वोट की गारंटी नहीं'

 गुरुवार, 13 जून, 2013 को 16:24 IST तक के समाचार

ये कहना बिल्कुल ग़लत नहीं होगा कि आम आदमी पार्टी के बनने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही है और इस बात को पार्टी भी अच्छी तरह समझती है.

कुछ ही समय पहले अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी राजनीति में भले ही नई हो लेकिन सोशल मीडिया पर उसकी उपस्थिति पुरानी है और ज़ाहिर है कि वो सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रही है.

पार्टी बनने से पहले करप्शन को लेकर बना एक पन्ना इंडिया अगेन्स्ट करप्शन पूर्व में इसी से जुड़ा था. इसके बाद फाइनल वार अगेन्स्ट करप्शन का पन्ना बना जिसके करीब सवा लाख लाइक्स हैं. क्लिक करें आम आदमी पार्टी के फेसबुक पन्ने के एक लाख नब्बे हज़ार लाइक्स हैं. जबकि पार्टी के क्लिक करें ट्विटर हैंडल @aamadmiparty के 61 हज़ार से अधिक फॉलोअर हैं.

पार्टी अपने फेसबुक पन्ने पर घोटाले की ख़बरों को प्रमुखता से जगह देती है और उस पर बहस करती है. इतना ही नहीं पार्टी कई बार लोगों से ही सुझाव मांगती है कि वो पार्टी के उम्मीदवारों के चयन के बारे में सुझाव दें. इसके अलावा समय-समय पर पार्टी की गतिविधियों के बारे में भी जानकारियां पन्ने पर मुहैया कराई जाती हैं.

दिलीप पांडे, आम आदमी पार्टी

"ये एक लोकतांत्रिक माध्यम है फेसबुक हो चाहे ट्विटर. सब लोग अपनी बात रखें. हमने दिल्ली विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर 70 विधानसभा सीटों के लिए 70 फेसबुक पन्ने बनाए हैं. भारत के सभी राज्यों के नाम से हमने पार्टी का फेसबुक पन्ना बनाया है. चुनावों को लेकर कभी ऐसा कोई प्रयोग नहीं किया गया है"

सोशल मीडिया के ज़रिए एक आंदोलन जब राजनीतिक दल बनता है तो फिर वो कैसे काम करते हैं सोशल मीडिया पर?

रणनीति

आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया का काम देखने वाले दिलीप पांडे कहते हैं, ‘‘आंदोलन की अपनी लग्ज़री होती है. आप एक मुद्दे पर लड़ रहे होते हैं. राजनीतिक दल हैं तो सामाजिक विषयों पर, अंतरराष्ट्रीय विषयों पर और तमाम मुद्दों पर अपनी राय लोगों तक पहुंचानी होती है. चूंकि हम ऐसे दल हैं जिसे कोई नेता पसंद नहीं करता. हम अछूत किस्म के हैं इस व्यवस्था में तो हमारे लिए सोशल मीडिया सबसे ज़रुरी है.’’

दिलीप 32 साल के हैं और उनके आस-पास उनसे भी कम उम्र के युवा बैठते हैं जो फ़ेसबुक और ट्विटर पर पार्टी की बात रखते हैं.

वो इशारा करते हैं एक युवा लड़की चंचल शर्मा की तरफ और बताते हैं, ‘‘ चंचल अपना काम छोड़कर हमारे लिए पोस्ट लिखती है. अब ये प्रतिबद्धता राजनीतिक दलों के लोग कैसे लाएंगे जो कि सोशल मीडिया के लिए लोगों को पैसे देते हैं. खबरों में आया है कि कुछ नेता ट्विटर पर फॉलोअर खरीदते हैं. हम ऐसा कुछ नहीं करते. हमारे यहां लोगों में जोश है देश को बदलने का.’’

अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया में मौजूदगी व्यापक है इसलिए उनकी रणनीति भी थोड़ी अलग है. दिलीप बताते हैं, ‘‘ ये एक लोकतांत्रिक माध्यम है फ़ेसबुक हो चाहे ट्विटर. सब लोग अपनी बात रखें. हमने दिल्ली विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर 70 विधानसभा सीटों के लिए 70 फेसबुक पन्ने बनाए हैं. भारत के सभी राज्यों के नाम से हमने पार्टी का फेसबुक पन्ना बनाया है. चुनाव को लेकर कभी ऐसा कोई प्रयोग नहीं किया गया है.’’

लेकिन क्या इससे वोट मिल पाएंगे, वो कहते हैं, ‘‘ इस बात की गारंटी पहले भी नहीं थी जब लोग लाउडस्पीकर और पर्चों से प्रचार करते थे. अभी भी इसकी कोई गारंटी नहीं है कि जितने लोग बात करें उतने ही लोग वोट भी करने जाएं. ’’

वोट मिले न मिले लेकिन सोशल मीडिया पर पार्टी की पकड़ बेहद मजबूत है.

सिर्फ चर्चा ही नहीं पार्टी ट्विटर और फ़ेसबुक पर कड़ी नज़र रखती है. दिलीप एक अनुभव सुनाते हैं, ‘‘ ट्विटर पर कोई आईडी था आरटीआईजनलोकपाल जो लगातार पत्रकार राजदीप सरदेसाई को गालियां दे रहा था. ये ट्विटर हैंडल हमारे मुद्दे की ही बात कर रहा था लेकिन उसकी भाषा गंदी और अभद्र थी. राजदीप ने अरविंद जी को ट्वीट किया और हमने तुरंत उस हैंडल को रिपोर्ट किया. दो तीन घंटे में ये हैंडल बंद हो गया. हम गाली गलौज में यकीन नहीं रखते हैं हम ध्यान रखते हैं कि कोई हमारे मुद्दे का समर्थन करने वाला भी गंदी भाषा का इस्तेमाल न करे.’’

कांग्रेस या बीजेपी की तरह आम आदमी पार्टी की पहुंच राजनीतिक स्तर पर कम है. हालांकि वो इसी कमी को सोशल मीडिया के ज़रिए पूरा करते हैं लेकिन पहली बार चुनाव में उतर रहे इस दल के चुनावी प्रदर्शन पर सबकी नज़रें होंगी. सोशल मीडिया की चुनाव में भूमिका के लिए आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन एक केस स्टडी जैसा होगा और इस बात को पार्टी बखूबी समझ रही है.

आपने मंगलवार को क्लिक करें कांग्रेस पार्टी और बुधवार को क्लिक करें भारतीय जनता पार्टी की सोशल मीडिया में रणनीति के बारे में हमारी रिपोर्ट पढ़ी. कल यानी शुक्रवार को हम क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की सोशल मीडिया पर सक्रियता के बारे में विस्तार से बताएंगे.

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