पुलिस को ग़लतफ़हमी हुई होगी, श्रीसंत निर्दोष: वकील

  • 17 मई 2013
श्रीसंत
श्रीसंत और अन्य दो क्रिकेटरों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है

श्रीसंत के वकील दीपक प्रकाश ने उनकी सफाई में कहा है कि वह निर्दोष हैं और इस मामले में दिल्ली पुलिस को ज़रूर कोई गलतफ़हमी हुई है.

इस बीच गुजरात के एक क्रिकेटर अमित सिंह को भी पुलिस ने इस मामले में गिरफ़्तार किया है. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड यानी बीसीसीआई ने उन्हें भी जाँच होने तक निलंबित कर दिया है.

स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार हुए श्रीसंत और अन्य दो क्रिकेटरों अंकित चव्हाण और अजीत चंडिला को दिल्ली की एक अदालत ने पाँच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था.

श्रीसंत के वकील ने बीबीसी से बातचीत में कहा, “श्रीसंत पर लगाए गए आरोप निराधार हैं. श्रीसंत को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि स्पॉट फिक्सिंग में कौन शामिल है. उनकी गिरफ्तारी से उन्हें बहुत धक्का लगा. श्रीसंत ने अपनी बेगुनाही का बयान दिया है और वे जांच अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं.”

उनका कहना है कि पुलिस के पास श्रीसंत के खिलाफ सबूत के तौर पर न तो कोई फोन रिकॉर्ड है और न ही कोई दस्तावेज़.

अंकित चव्हाण और अजीत चंडिला के गुनाह कबूल करने से जुड़ी मीडिया में जारी ख़बरों पर श्रीसंत के वकील दीपक प्रकाश का कहना था कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

तौलिये का इस्तेमाल

उनका कहना था, “दिल्ली पुलिस से या तो कोई गलती हुई है या फिर उन्हें गलत फहमी हुई है. उन्हें जो जानकारी मिली है, वो गलत है. हम श्रीसंत की बेगुनाही साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. ”

श्रीसंत पर तौलिये का इस्तेमाल कर बुकीज़ से संपर्क साधने के आरोपों के बारे में जब उनके वकील से पूछा गया तो उन्होंने कहा, "श्रीसंत ने सैंकड़ों मैच तौलिया लटका कर खेले हैं. उस तौलिये को वे अपने लिए शुभ मानते हैं. किसी चीज़ का इस्तेमाल कर अपनी किस्मत को आज़माना कोई गुनाह तो नहीं है."

उधर गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इस मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की पीठ थपथपाई है.

उन्होंने कहा, “इस मामले की जांच के लिए मैं दिल्ली पुलिस को बधाई देता हूं. वे जब भी कोई अच्छा काम करते हैं, तो मैं उनकी प्रशंसा ज़रूर करता हूं.”

समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि दिल्ली पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि शक के घेरे में आए तीन आईपीएल मैचों के अलावा दूसरे मैचों में फिक्सिंग हुई है या नहीं.

जांच जारी

एजेंसी ने सूत्रों के हवालों से कहा कि अब तक तीन मैचों को लेकर पुख्ता सबूत मिले हैं – पांच मई, नौ मई और 15 मई को खेले गए मैचों में इन तीन खिलाड़ियों के खिलाफ सबूत मिले हैं, जबकि 11 सटोरियों को भी गिरफ्तार किया गया है.

उधर चेन्नई में सट्टा लगाने के आरोप में पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस ने 14 लाख रुपए समेत कई मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए हैं.

हालांकि इन संदिग्धों का गिरफ्तार हुए तीन खिलाड़ियों से कोई संबंध नहीं बताया जा रहा है.

गुरुवार को बीसीसीआई ने इस मामले की ख़बर आम होने के बाद तीनों खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया था.

इस मामले पर गौर करने के लिए बीसीसीआई ने रविवार को एक आपातकाल बैठक बुलाई है.

बीसीसीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि इस मामले में शामिल सभी लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी और अगर उन्हें दोषी पाया गया तो उनके ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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