पवन बंसल: मैंने इस्तीफ़ा दे दिया है

  • 10 मई 2013
पवन कुमार बंसल

रेलगेट घोटाले में घिरे रेल मंत्री पवन बंसल ने शुक्रवार शाम इस्तीफ़ा दे दिया.

बंसल के भांजे विजय सिंगला की गिरफ़्तारी के बाद से ही बंसल पर इस्तीफ़े का दबाव बढ़ता जा रहा था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अपने इस्तीफ़े पर चल रही अटकलबाज़ी पर विराम लगाते हुए उन्होंने कहा, "मैने इस्तीफा दे दिया है."

विजय सिंगला को सीबीआई ने कथित तौर 90 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया था.

कहा जा रहा है कि सिंगला ने यह पैसा कथित रूप से रेलवे बोर्ड के एक सदस्य महेश कुमार को एक ख़ास पद देने की एवज में दिया गया था.

पूरा सौदा 10 करोड़ रुपये में हुआ था और 90 लाख रुपये उसी सौदे की पहली किस्त थी.

बंसल के निजी सचिव राहुल भंडारी से सीबीआई की पूछताछ के बाद से बंसल की मुश्किलें और बढ़ गई थीं.

राहुल भंडारी 1997 बैच के आईएएस अधिकारी हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बंसल अपने लिए चार रेलवे यूनियनों के माध्यम से समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे थे, जिनका कहना था कि बंसल एक काबिल प्रशासक हैं जो रेलवे को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं.

विपक्षी दल लगातार बंसल और कानून मंत्री अश्वनी कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसे लेकर संसंद में काफ़ी हंगामा हुआ था.

मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने ऐलान कर दिया था कि दोनों मंत्रियों के इस्तीफ़े तक संसद नहीं चलने दी जाएगी.

बंसल के इस्तीफ़े की अटकलें गुरुवार को और तेज हो गई थीं जब वह मंत्रिमंडल की एक बैठक में शामिल नहीं हुए. इस बैठक में अश्वनी कुमार शामिल हुए थे.

किसने क्या कहा

बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “पवन बंसल चले गए हैं और अश्वनी कुमार को जाना होगा. यह कोई समझौता नहीं है कि एक ने इस्तीफ़ा दे दिया है आप दूसरे को छोड़ दें.”

संसदीय मामलों के राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने कहा, “अगर उन्हें क्लीन चिट मिल जाती है तो वह वापस आ सकते हैं.”

तृणमूल कांग्रेस के नेता और पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी का कहना था कि, “हम लोग रेलवे को सौदेबाज़ी के उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते हैं... यह सब बदलना होगा, यह बहुत ख़राब है. मैं बहुत ख़ुश हूं कि बंसल चले गए हैं लेकिन इसकी कोई गारंटी कि यह फिर नहीं होगा.”

जेडीयू प्रमुख शरद यादव ने कहा, “अश्वनी कुमार ने एक लाख 86 हज़ार के कोयला घोटाले को प्रभावित किया. उन्होंने उसे नहीं हटाया जिसने घोटाले को प्रभावित करने की कोशिश की. उन्होंने पवन कुमार बंसल को तब हटाया जब यह मुद्दा कई बार उठाया गया. उन्हें यह बहुत पहले कर देना चाहिए था.”

बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने ट्विटर पर लिखा, “रेलवे मंत्री पवन बंसल के बाद कानून मंत्री अश्वनी कुमार का इस्तीफ़ा भी आना चाहिए. मंत्रिमंडल के लिए ज़िम्मेदार अंततः प्रधानमंत्री हैं, उन्हें भी इस्तीफ़ा देना चाहिए.”

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