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सुप्रीम कोर्ट बताए कितनी स्वतंत्र है सीबीआई

 शुक्रवार, 26 अप्रैल, 2013 को 18:34 IST तक के समाचार

कोयला आवंटन घोटाले को विपक्ष लंबे समय से मुद्दा बनाया है.

केंद्रीय जांच एजेंसी के निदेशक रंजीत सिन्हा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ही यह फ़ैसला कर सकता है कि सीबीआई कितनी स्वतंत्र है.

सिन्हा ने शुक्रवार को कोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले के मामले में 'स्टेटस रिपोर्ट' के संबंध में एक शपथ पत्र दाखिल किया है.

शपथ पत्र में कहा गया है कि 'स्टेटस रिपोर्ट का मसौदा क़ानून मंत्री अश्वनी कुमार, प्रधानमंत्री कार्यालय और कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को दिखाया गया था.

सामी से मिलता रहता हूं

ग़ाज़ियाबाद में पत्रकारों ने सीबीआई निदेशक से पूछा कि क्या कानून मंत्री के कहने पर कोयला घोटाले की रिपोर्ट में कुछ बदलाव किए गए थे?

इसके जवाब में उन्होंने कहा, “मैं सब कुछ सुप्रीम कोर्ट को बताऊंगा और जब तक कोर्ट को नहीं बताता तब तक लोगों को नहीं बता सकता.”

एफ़िडेविट दाखिल करने से एक दिन पहले कार्मिक मामलों के मंत्री नारायण सामी से मुलाकात का सिन्हा ने बचाव किया.

उन्होंने कहा, “वह हमारे मंत्री हैं. उनसे मिलने में क्या बुराई है. उनसे मिलने पर कोई पाबंदी नहीं है. मैं उनसे मिलता रहता हूं. यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है.”

इस शपथ पत्र के सामने आने के बाद केंद्र सरकार हरकत में आई है और सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के दलों के नेताओं से प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह चर्चा कर रहे हैं.

इधर विपक्ष ने सरकार पर तीखा आक्रमण किया है. भारतीय जनता पार्टी और वाम दलों ने क़ानून मंत्री अश्विनी कुमार को तुरंत हटाने की मांग की है.

भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि क़ानून मंत्री ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए सीबीआई पर अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया है. इसके साथ ही विपक्ष ने इस मामले में प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की माँग दोहराई है.

वहीं क़ानून मंत्री अश्वनी कुमार ने कहा है, "आख़िर में सच्चाई की जीत होगी."

शपथ पत्र

शपथ पत्र में रंजीत सिन्हा की ओर से कहा गया है, "मैं ये कहना चाहता हूँ कि स्टेटस रिपोर्ट का मसौदा सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल करने से पहले क़ानून मंत्री को दिखाया गया था क्योंकि वह उसे देखना चाहते थे."

सिन्हा की ओर से कहा गया है, "ये रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय और कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के एक-एक अधिकारी को भी दिखाई गई थी क्योंकि वे भी उसे देखना चाहते थे."

सीबीआई निदेशक की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में दाख़िल इस शपथ पत्र में कहा गया है कि एजेंसी अब अगली कोई स्टेटस रिपोर्ट कार्यपालिका के किसी राजनीतिक सदस्य को नहीं दिखाएगा.

उन्होंने ये भी कहा कि आज (26 अप्रैल) को जो ताज़ा स्टेटस रिपोर्ट दाख़िल की जा रही है वो किसी भी तरह किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को नहीं दिखाई गई है.

शपथ पत्र में कहा गया है, "मैं इस बात की पुष्टि करता हूँ कि कोर्ट में दाख़िल की जा रही मौजूदा स्टेटस रिपोर्ट किसी भी तरह से कार्यपालिका के किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को नहीं दिखाई गई है."

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