जब आज़म ख़ान को अमरीका में रोका गया..

  • 26 अप्रैल 2013
आज़म ख़ान बॉस्टन हवाई अड्डे पर पूछताछ का सामना करना पड़ा है.

अमरीका के बॉस्टन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान को कुछ समय तक रोके जाने और उनसे सवाल जवाब किए जाने की घटना हुई है.

आज़म ख़ान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अमरीका गए हुए हैं.

अखिलेश यादव को इलाहाबाद में आयोजित हुए महाकुंभ के सफल आयोजन पर भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया है. आज़म ख़ान उनके साथ इस दौरे पर है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बॉस्टन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने आज़म ख़ान को रोक लिया और पूछताछ के लिए ले गए. हांलाकि बाद में भारतीय दूतावास के दखल के बाद उन्हें छोड़ दिया गया.

पीटीआई का कहना है कि जैसे ही अखिलेश की टीम हवाई अड्डे पर उतरी, आव्रजन अधिकारियों और सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने भारत से आए दल में शामिल आज़म ख़ान से सवाल जवाब किए.

तू-तू ,मैं-मैं

समाचार एजेंसी के मुताबिक एक वक्त ऐसा भी आया जब अधिकारियों और आज़म ख़ान के बीच बातचीत काफी गर्म हो गई. उस वक्त महिला आधिकारी ने आज़म ख़ान को चेतावनी भरे लहज़े में कहा कि वो उन पर सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के अभियोग लगा सकती है.

लेकिन,आज़म ख़ान ने अधिकारी से माफी मांगने को कहा. अधिकारी ने उन्हें समझाने की कोशिश की, कि इसे अपमान न समझा जाए और ये सुरक्षा नियमावली के तहत ही है.

आज़म ख़ान के सूचना अधिकारी की ओर से गुरुवार देर रात जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि राजनयिक पासपोर्ट के होने के बावजूद एयरपोर्ट पर हुए अपमान से आज़म ख़ान को काफी ठेस पहुंची है.

इस घटना के विरोध में उन्होंने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही भारत लौटने का फैसला किया है. आज़म ख़ान का कहना है कि उन्हें मुसलमान होने की वजह से परेशान और अपमानित किया गया है.

इससे पहले भी कई अति विशिष्ट भारतीयों के हवाई अड्डे पर रोके जाने की घटनाएं सामने आ चुकी है. साल भर पहले बॉलीवुड स्टार शाहरुख ख़ान को दो घंटे तक रोके रखा गया था.

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को भी जाँच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था. इसके अलावा पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नाडीस को सरकारी दौरे के दौरान वॉशिंगटन के हवाई अड्डे पर परेशानी झेलनी पड़ी थी.