'चीनी सेना लद्दाख में पहले वाली स्थिति पर जाए'

  • 23 अप्रैल 2013
चीनी सैनिक लद्दाख में कई किलोमीटर अंदर घुस आए हैं

भारत ने चीन को लद्दाख़ के दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) सेक्टर में आठ दिन पुरानी स्थिति बनाए रखने को कहा है.

चीन में आठ दिन पहले चीनी सेनाएं भारतीय सीमा में करीब 10 किलोमीटर तक घुस आई थीं. इसके बाद दोनों सेनाएं लद्दाख में आमने-सामने हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, “हमने चीन को इलाके में यथास्थिति बनाए रखने को कहा है. इसका मतलब है कि इस घटना से पहले की स्थिति.”

उन्होंने कहा, “वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अलग-अलग राय होने की वजह से दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं.”

शांति से सुलझ जाएगा विवाद

“आमने-सामने” शब्द भारत की व्याख्या नहीं है. यह 2005 में दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने के लिए तैयार संधि का हिस्सा है. खा़सतौर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास युद्ध क्षेत्र में विश्वास बढ़ाने के लिए.

उन्होंने बताया कि इस संधि के अनुसार, “अगर सीमा क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिक किसी कारण से नियंत्रण रेखा के निर्धारण या अन्य वजह से आमने-सामने आ जाते हैं तो, वह स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए कोई उत्तेजक हरकत नहीं करेंगे.”

इस दौरान भारत और चीन के स्थानीय सैन्य कमांडरों ने घुसपैठ से उपजी स्थिति को सुलझाने के लिए मंगलवार को दौलत बेग क्षेत्र में एक फ़्लैग मीटिंग की.

प्रवक्ता ने कहा कि घुसपैठ के बारे में पता चलने के बाद भारत सरकार ने तुरंत ही चीन के सामने यह मामला उठाया.

विदेश सचिव रंजन मथाई ने चीनी राजदूत को बुलाकर इस मामले पर आपत्ति जताई थी.

इसके अलावा सीमा से जुड़े मुद्दों पर चीन के साथ वार्ता कर रहे दल के प्रमुख, विदेश विभाग के संयुक्त सचिव, गौतम बमबव्ले ने अपने चीनी प्रतिपक्षी के सामने यह मामला उठाया.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने सोमवार को बीजिंग में इस मुद्दे पर कहा था, “चीन के सीमा पर तैनात सैनिक दोनों देशों के बीच हुई संधि और वास्तविक नियंत्रण रेखा का पालन कर रहे हैं. हमारे सैनिक नियंत्रण रेखा के चीनी इलाके में गश्त लगा रहे हैं और सीमा के पार कभी नहीं गए.”

भारत के विदेश विभाग के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा, “हमने पहले के सभी मुद्दे शांतिपूर्वक सुलझा लिए हैं और हम उम्मीद करते हैं कि इसे भी शांतिपूर्वक सुलझा लिया जाएगा.”

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