मोदी: गुजरात से सीख ले सरकार

  • 8 अप्रैल 2013
नरेंद्र मोदी
मोदी ने गुजरात का गुणगान करते हुए सरकारी प्रणाली की आलोचना की.

सोमवार दोपहर फिक्की के मंच पर महिला सशक्तिकरण पर भाषण देने के बाद शाम को नेटवर्क 18 के मंच पर नरेंद्र मोदी ने सरकार की कमज़ोरियों को उजागर करने के लिए अपने पिटारे से ढेरों उदाहरण निकाले.

उन्होंने कहा कि जनता को सरकारी प्रणालियों पर भरोसा नहीं है क्योंकि सरकार की व्यवस्था केवल फाइलों में उलझ कर रह गई है.

उन्होंने गुजरात की 'सफलता' का उदाहरण देते हुए कहा, "सरकार को गुजरात के मॉडल से सीख लेनी चाहिए. गुजरात में सरकार का काम चीज़ों को आसान बनाना है, न कि उन्हें उलझाना. गुजरात के लोग पसीना बहाते हुए नहीं दिखेंगें. हमारी रगों में बिज़नेस दौड़ता है. गुजरात का शासन संभालते हुए मैं मुनाफा ही करवा कर जाऊंगा."

इसके अलावा उन्होंने कहा कि विकास के लिए सरकारी सेवाओं के साथ साथ लोगों को नागरिक धर्म भी निभाना होगा.

उनका कहना था, "निजी सुरक्षा सेवाओं की मांग बढ़ रही है क्योंकि सरकारी सुरक्षा व्यवस्था पर लोगों को भरोसा नहीं है. मीडिया के विस्तार से पहले लोग ऑल इंडिया रेडियो के बजाय बीबीसी की ख़बरों पर विश्वास करते थे क्योंकि उन्हें सरकारी संस्थानों पर भरोसा नहीं था. सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में सेवाएं लेने से लोग कतराते हैं क्योंकि उन्हें शंका रहती है कि वहां की सेवाएं भरोसेमंद होंगी या नहीं. कहने का तात्पर्य ये है कि लोगों को सरकारी प्रणाली पर भरोसा ही नहीं है."

इससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की जिन्होंने एक दूसरे व्यापार समूह फिक्की की महिला सदस्यों के सामने भाषण दिया.

मोदी को सुनने वालों की भीड़ इतनी थी कि बैठक की जगह बदलकर एक पाँच सितारा होटल कर दिया गया.

अपने भाषण की शुरुआत में मोदी जगह बदलने के बात का जिक्र करना नहीं भूले और इसके लिए उन्होंने अपने अंदाज़ में क्षमा भी मांगी.

( क्या मोदी की मंच कला राहुल से बेहतर है?)

कलावती बनाम जसुबेन

अपने एक घंटे से भी ज्यादा चले भाषण में मोदी ने महिला सशक्तीकरण की वकालत की और अपने पिछले कार्यक्रमों की तरह गुजरात की सफलता का गुणगान किया.

हंसी, ठहाकों और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मोदी ने ‘भ्रूण हत्या’, ‘बिगड़ते लिंग अनुपात’ और ‘समाज में लड़कियों को समान अवसर’ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी, लेकिन मौका मिलने पर कांग्रेस और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गाँधी पर ताना कसना भी नहीं भूले.

सफेद रंग की आधी बांह वाले धारीदार कुर्ते में मोदी ने बेहद अनौपचारिक ढंग से लोगों को संबोधित किया.

राहुल की 'कलावती' के टक्कर में नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में अहमदाबाद की 'जसुबेन' को उतारा.

अमरीका के साथ परमाणु समझौते के मसले पर भाषण देते हुए राहुल गांधी ने संसद में कलावती नाम की महिला के परिवार की कठिनाइयों का उदाहरण दिया था. मोदी के मुताबिक अहमदाबाद की जसुबेन का पीज़ा कई बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स पर भी भारी पड़ता है.

गौरतलब है कि कांग्रेस की इस बात के लिए आलोचना होती रही है कि राहुल गाँधी द्वारा ज़िक्र के बावजूद कलावती के परिवार की मुश्किलें कम नहीं हुईं.

राहुल गाँधी का नाम लिए बिना उन पर चुटकी लेते हुए मोदी ने कहा, “जसुबेन कलावती नहीं है.”

लिज्जत पापड़ को गुजराती उद्यमिता का प्रतीक बताते हुए मोदी ने कहा, "आप किसी भी फाइव स्टार होटल में चले जाइए. मेनू में एक ब्रांड का नाम जरूर मिलेगा और वो है लिज्जत पापड़. फिक्की को लिज्जत पापड़ का अध्ययन करना चाहिए."

गुजरात सरकार के विकास का गुणगान करते हुए मोदी ने 50 फीसदी महिला आरक्षण की भी वकालत की. हालांकि उन्होंने इसके लागू न होने पाने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया.

कमज़ोरी क्या?

उन्होंने कहा,"गुजरात सरकार ने महिलाओं के 50 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून पारित किया है लेकिन राज्यपाल ने बिल रोक रखा है. विडंबना है कि राज्यपाल महिला हैं."

गुजरात की कांग्रेस शाखा ने मोदी के इस आरोप को गलत बताया है.

मोदी ने कहा, "महिलाओं का नीति निर्माण में दखल नहीं है.उन्हें निर्णय प्रक्रिया में जोड़ना होगा."

जब मोदी से पूछा गया कि आपकी कमजोरी क्या है तो उन्होंने कहा, "हर एक के भीतर कुछ न कुछ कमियां मुझमें भी हैं वो सारी कमियां मुझमें हैं लेकिन मुझे ऐसे संस्कार मिले हैं जिन्होंने मुझे सिखाया है कि आप गुण के आधार पर चलो कमियां छूट जाएंगी."

भाषण के दौरान मोदी ने गुजरात के विकास का जमकर बखान किया, हालांकि उन्होंने कांग्रेस पर अपरोक्ष रूप से हमला भी किया.

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार "कांग्रेस सरकार के किए गड्ढ़ों को बराबर करती आ रही है." उन्होंने कहा, "कल्पना कीजिए कांग्रेस ने क्या किया है. लेकिन हमें और भी बहुत कुछ हासिल करना है. गुजरात को विकास की नई उंचाइयों पर ले जाना है."

उधर विपक्ष ने मोदी के भाषण की निंदा की है.

वाम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि भारत में जिन राज्यों में मानव विकास दर सबसे बुरी हालत में है, उनमें से गुजरात एक है और नरेंद्र मोदी को इस बात की अगर इतनी चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने अपने कार्यकाल में गुजरात के विकास दर को सुधारने के लिए क्या किया है.