मुलायम ने फिर कांग्रेस को कोसा

  • 4 अप्रैल 2013
मुलायम सिंह यादव
मुलायम सिंह यादव ने कहा कि सरकार के पास सीबीआई है

केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार को समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव इन दिनों कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेने में कोई मौक़ा नहीं गँवा रहे हैं.

बुधवार को लखनऊ में पार्टी की एक बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुलायम सिंह यादव ने कहा, "सरकार से लड़ना आसान नहीं हैं. उसके पास हज़ार हाथ हैं. सरकार किसी को जेल भेज सकती है. उसके पास सीबीआई भी है."

श्रीलंका के मुद्दे पर केंद्र सरकार से द्रमुक के समर्थन वापस लेने के बाद एकाएक तेज़ हुई सियासी हलचल में मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी एकाएक सरकार की कड़ी आलोचना करने लगी है.

लेकिन सरकार को समर्थन भी जारी रखे हुए हैं. द्रमुक के समर्थन वापस लेने के बाद सरकार के लिए समाजवादी पार्टी का समर्थन काफ़ी अहम है.

मुलायम सिंह यादव पहले भी सरकार पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगा चुके हैं.

जब समाजवादी पार्टी को सरकार से इतनी नाराज़गी है, तो वो उसे समर्थन क्यों दे रही है? बीबीसी के साथ बातचीत में समाजवादी पार्टी के सांसद और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक शैलेंद्र कुमार ने कहा, "इसके पीछे कोई मजबूरी नहीं है. सांप्रदायिक शक्ति सत्ता में न आए, इसलिए हम धर्मनिरपेक्ष सरकार को समर्थन दे रहे हैं."

'सीबीआई का डर नहीं'

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और नेता सीबीआई से नहीं डरते हैं. शैलेंद्र कुमार ने कहा कि सत्ता के लोग सीबीआई की धौंस दिखाते हैं, लेकिन हम इससे नहीं डरते.

इस बीच जब पत्रकारों ने उनका ध्यान इस ओर दिलाया कि भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राम मनोहर लोहिया की तारीफ़ की है, तो मुलायम सिंह यादव ने कहा, "इसमें ग़लत क्या है. बड़े नेताओं की तारीफ़ होनी चाहिए. लेकिन जब मैंने आडवाणी की प्रशंसा की थी, तो काफ़ी शोर-शराबा मचा था."

लगे हाथों मुलायम सिंह यादव ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भी तारीफ़ कर डाली.

लेकिन पार्टी सांसद शैलेंद्र कुमार का ये कहना है कि किसी नेता की तारीफ़ करने का ये मतलब नहीं कि पार्टी उनके साथ सरकार बनाने जा रही है.

उन्होंने कहा, "नेता जी की तारीफ़ कभी-कभी भाजपा और कांग्रेस के नेता भी करते हैं. हम भी कभी-कभी व्यक्तिगत तौर पर अन्य पार्टियों के नेताओं की तारीफ़ करते हैं."

उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब ये नहीं कि उनकी पार्टी सांप्रदायिक शक्तियों के साथ मिलकर सरकार बनाएगी.