अदालतों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा इंटरनेट: पित्रोदा

  • 21 मार्च 2013

इंटरनेट और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गूगल का भारत में सम्मेलन शुरु हो गया है जिसमें कई बड़ी हस्तियां हिस्सा ले रही है.

गूगल के इस सम्मेलन में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी बुलाया गया है.

सम्मेलन की शुरुआत में भारत सरकार के इनोवेशन काउंसिल के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने इंटरनेट की संभावनाएं गिनाते हुए कहा कि सरकार काम कर रही है लेकिन वो अपनी बात लोगों तक पहुंचा नहीं पा रही है.

उनका कहना था कि सरकार ने ढाई लाख पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंचाया है जो 12 महीने में काम करने लगेगा.

पित्रोदा के अनुसार सरकार आरटीआई और लोगों तक सूचना पहुंचाने की ज़रुरतों को देखते हुए सूचना का लोकतांत्रिकरण कर रही है.

सम्मेलन में ही मेक माय ट्रिप के दीप कालरा के उस बयान को काफी लोगों ने सराहा है जिसमें उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में काफी संभावनाएं हैं वो भी खास तौर पर मोबाइल पर.

गूगल के इस बयान पर कि भारत में 11 प्रतिशत घरों में इंटरनेट सुविधा है, ट्विटर पर कई लोगों ने टिप्पणी की कि सिर्फ दस प्रतिशत घरों में ये सुविधा है वो भी स्पीड अच्छी नहीं हैं.

ट्विटर पर इस इवेंट को #bigtenIndia के ज़रिए सर्च किया जा सकता है जबकि इसमें शामिल सभी वक्ता ट्विटर पर अपने अपने हैंडल से ट्विट भी कर रहे हैं.

दीप कालरा ने भारतीय मानसिकता पर चुटकी लेते हुए कहा कि भारत के अधिकतर लोग फ्री में सबकुछ चाहते हैं चाहे वो इंटरनेट की कोई भी सुविधा हो.

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