महाराष्ट्रः पुलिस की पिटाई के बाद विधायक निलंबित

  • 20 मार्च 2013
महाराष्ट्र में पुलिस की पिटाई
पुलिस के अनुसार महाराष्ट्र के कुछ विधायकों ने असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सचिन सूर्यवंशी की जम कर पिटाई की है.

महाराष्ट्र विधान सभा के पांच विधायकों को एक पुलिस वाले की पिटाई करने के आरोप में 31 दिसंबर तक विधान सभा से निलंबित कर दिया गया है. उनके खिलाफ पुलिस ने मंगलवार को एक एफ़आईआर भी दर्ज की है.

निलंबित होने वाले विधायकों में स्वतंत्र विधायक श्री ठाकुर के अलावा महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के विधायक राम कदम, शिव सेना के राजन साल्वी और आज़ाद विधायक प्रदीप जयसवाल शामिल हैं.

पुलिस के अनुसार मंगलवार को विधान सभा भवन के बाहर वसई क्षेत्र के विधायक क्षितिज ठाकुर और कुछ अन्य विधायकों ने असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सचिन सूर्यवंशी की जम कर पिटाई की.

दरअसल क्षितिज ठाकुर पर पुलिस ने तेज़ रफ़्तार से गाडी चलाने के आरोप में जुर्माना लगाया था. मंगलवार को ठाकुर ने विधान सभा में बयान दिया कि सचिन सूर्यवंशी ने उनके साथ बद्तमीजी भी की थी.

रिपोर्ट के अनुसार विधान सभा में शिकायत के बाद जब क्षितिज ठाकुर को पता चला कि सचिन सूर्यवंशी विधान सभा भवन के बाहर मौजूद हैं तो वे और उनके कुछ साथी बाहर निकले और उनकी पिटाई शुरू कर दी.

पहली घटना नहीं

सचिन सूर्यवंशी को काफी चोटें आईं हैं और उन्हें नज़दीक के एक अस्पताल में भर्ती किया गया है.

अब बुधवार यानि आज सुबह राज्य के गृह मंत्री आरआर पाटिल घायल पुलिस वाले से मिलने अस्पताल गए. वहां उन्होंने पुलिसवाले के घरवालों को आश्वासन देते हुए कहा कि दोषी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

घायल पुलिस वाले की पिटाई से पहले क्षितिज ठाकुर ने विधान सभा में पुलिस कर्मियों के खिलाफ एक विशेष प्रस्ताव रखा था. प्रस्ताव रखने के बाद गृह मंत्री ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे.

राम कदम इस से पहले भी विधायक अबू आज़मी को विधान सभा में तमाचा लगाने के मामले में निलंबित हो चुके हैं.

मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि विधान सभा परिसर में किसी पुलिस वाले पर हमला एक शर्मनाक घटना है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

15 विधायकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है.

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