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'खौफ़ में रह रहे हैं दिल्ली गैंगरेप के अभियुक्त'

 मंगलवार, 12 मार्च, 2013 को 19:28 IST तक के समाचार

राम सिंह की कथित आत्महत्या से तिहाड़ में कैदियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं

दिल्ली में चलती बस में बलात्कार की घटना के अभियुक्त राम सिंह की मौत के बाद घटना से जुड़े दूसरे अभियुक्त डरे हुए हैं.

अभियुक्त राम सिंह और मुकेश के वकील वीके आनंद ने जहाँ खुले तौर पर कहा था कि राम सिंह की कथित तौर पर हत्या की गई है, तो दूसरी ओर पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय के वकील एपी सिंह के अनुसार उनके मुवक्किल बेहद खौफ में हैं और जेल बदलने की मांग कर रहे हैं.

एपी सिंह कहते हैं, “मेरे मुवक्किलों की मानसिक दशा बहुत खराब है. वो बहुत डरे हुए हैं. अक्षय और विनय ने जज से कहा है कि मुझे गोली मार दीजिए तो मैं अच्छा महसूस करूँगा लेकिन मुझे जेल मत भेजिए.”

उन्होंने आरोप लगाया कि पवन, विनय और अक्षय को जेल के भीतर मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान किया जा रहा है.

उन्होंने अपने मुवक्किलों की दिल्ली के बाहर किसी भी जेल भेज दिए जाने की मांग की.

'सुरक्षित नहीं तिहाड़'

तिहाड़ को देश की सबसे सुरक्षित जेल माना जाता है

उन्होंने कहा, “तिहाड़ तब तक ही सुरक्षित है जब तक उसे सुरक्षित रखा जाए. ये वही तिहाड़ जेल है जहाँ मंत्रियों को सुविधाएँ दी जाती हैं लेकिन उसी तिहाड़ में लोगों की मौत हो रही है.”

एक दूसरे अभियुक्त पवन के वकील विवेक शर्मा का कहना है कि उनके मुवक्किल को जेल के भीतर कोई परेशानी नहीं हो रही है.

वो कहते हैं, “ज़ाहिर है राम सिंह की मौत के बाद पवन थोड़ा घबराए हुए हैं, लेकिन वो बिल्कुल फिट हैं. उन्होंने जेल के भीतर व्यवहार को लेकर कोई भी शंका जाहिर नहीं की है.”

इन अभियुक्तों को तिहाड़ से बाहर भेजने की बात पर विवेक शर्मा ने कहा कि ऐसा फैसला लेना फास्ट ट्रैक अदालत के अधिकारक्षेत्र से ही बाहर है.

तिहाड़ जेल की ओर से सुरक्षा इंतजाम पर एक रिपोर्ट दिल्ली बलात्कार मामले की सुनवाई करने वाली फास्ट ट्रैक कोर्ट को भेज दी गई है.

गौरतलब है कि राम सिंह के परिवार ने कथित आत्महत्या की सीबीआई जाँच की मांग की है.

जेल अधिकारियों का दावा है कि 35 वर्षीय राम सिंह ने अपनी शर्ट और जमीन पर बिछाए जाने वाले मैट के तागे से बनाई रस्सी की मदद से आत्महत्या की लेकिन अभी भी कई सवालों अनुत्तरित हैं.

अभी भी ये स्पष्ट नहीं है कि जेल के गार्ड क्यों इस कथित आत्महत्या को रोक नहीं पाए. जेल के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों पर भी बहस चल रही है.

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने घटना की रिपोर्ट मिलने पर उचित कार्रवाई की बात कही है.

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