क़साब के 'भूत' से अबू जंदल की नींद हराम

  • 7 मार्च 2013
क़साब को फांसी
फांसी दिए जाने से पहले क़साब उसी सेल में रहता था जिसमें अबू जंदल अभी रह रहे हैं.

मुंबई के आर्थर रोड जेल में बंद मुंबई हमलों के एक अभियुक्त अबू जंदल का कहना है कि अजमल क़साब का भूत उन्हें सता रहा है.

अबू जंदल पर 2008 में मुंबई में हुए 26/11 हमलों की साज़िश रचने का आरोप है जबकि इसी हमले के दोषी अजमल क़साब को पिछले साल यानी 2012 में फांसी दे दी गई थी.

अबू जंदल को कुछ महीने पहले सऊदी अरब से भारत लाया गया है और फ़िलहाल वो आर्थर रोड जेल के उसी विशेष सेल में बंद हैं जिसमें फांसी से पहले अजमल क़साब रहते थे.

जंदल ने मुंबई के स्पेशल मकोका अदालत में एक याचिका दायर कर कहा है कि क़साब उनके सपने में आता है जिसके कारण वो सो नहीं पाते हैं.

मेडिकल जांच के आदेश

जंदल के अनुसार सऊदी अरब से प्रत्यर्पित किए जाने के समय से ही वो मानसिक रूप से परेशान थे और दिल्ली के तिहाड़ जेल में भी उनका इलाज चल रहा था.

जंदल के वकील एजाज़ नक़वी ने कहा कि अदालत ने उनके मुवक्किल की अपील को स्वीकार करते हुए जेल अधिकारियों से उनकी मेडिकल जांच के आदेश दिए हैं और 15 मार्च तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है.

हालाकि आर्थर रोड जेल के जेलर ने कहा कि अबू जंदल पूरी तरह ठीक हैं. जंदल पर वर्ष 2006 के औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामले में भी मुक़दमा चल रहा है.

महाराष्ट्र पुलिस का दावा है कि आठ मई 2006 को महाराष्ट्र एटीएस ने चंदवाड़-मनमाड़ हाईवे पर तीन लोगों को गिरफ़्तार किया था और उनके क़ब्ज़े से 30 किलो आरडीएक्स, 10 एके-47 राइफ़ल और 3200 गोलियां बरामद की थी.

पुलिस के अनुसार जंदल भी उन लोगों के साथ थे लेकिन वो उस समय पुलिस के हाथ नहीं आ सके थे. अबू जंदल की बाद में सऊदी अरब में गिरफ़्तारी हुई थी और फिर उन्हें प्रत्यर्पित कर दिल्ली लाया था.

26/11 मुंबई हमला और औरंगाबाद हथियार बरामदगी दोनों मामलों में पुलिस ने आरोप-पत्र दाख़िल कर दिए हैं लेकिन अभी तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ है.

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