भंडारा: अप्राकृतिक यौनाचार का शिकार हुई थीं बच्चियां

  • 3 मार्च 2013
भंडारा में तीन लड़कियों के साथ अप्राकृतिक यौनाचार कर हत्या किए जाने का संकेत.

महाराष्ट्र के भंडारा में जिन तीन बच्चियों का शव कुँए से बरामद किया गया था उनके साथ अप्राकृतिक यौनाचार हुआ था. ये बात फारेंसिक जांच में सामने आई है.

जांच अभी अधूरी है मगर अब तक जो बातें सामने आई हैं उनमे इस बात के संकेत मिल रहे हैं. खास तौर पर सबसे छोटी बहन के शव के परीक्षण के दौरान उसकी जांघ में चोट के निशान के साथ साथ अप्राकृतिक यौनाचार के सबूत मिले हैं.

इस खबर ने भंडारा के लाखनी में रहने वाले लोगों के होश उड़ा दिए हैं. ये तीनो ही बच्चियां बीते 14 फरवरी को मुरमाडी गांव से गायब हुईं थी और 16 फरवरी को उनके शव राष्ट्रीय उच्च मार्ग के किनारे एक कुंए से बरामद किये गए थे. इनकी उम्र छह, नौ और 11 वर्ष तक की थी.

सबसे पहले लड़कियों के शवों का अंत्य परीक्षण भंडार के सरकारी अस्पताल में किया गया जहां बलात्कार की पुष्टि नहीं हो पाई. परीक्षण में कहा गया है कि लड़कियों के कपडे़ सही सलामत थे और उनके बदन पर किसी दूसरे डीएनए के सबूत नहीं मिले.

बलात्कार से इनकार नहीं

बाद में शवों को नागपुर के सरकारी मेडिकल कालेज और अस्पताल भेज गया जहां आगे के परीक्षण किये जा रहे हैं. अस्पताल के फॉरेंसिक विभाग के डॉक्टर बलात्कार की बात को अभी ख़ारिज नहीं कर रहे हैं क्योंकि तीनों शवों में कौमार्य भंग होने के सबूत भी मिले हैं.

हालांकि पुलिस ने पहले कहा था कि इस मामले में लड़कियों के साथ बलात्कार नहीं हुआ है.

अंत्य परीक्षण यानी पोस्ट मार्टम करने वाले डाक्टरों का कहना है कि स्थानीय पुलिस ने हत्या के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी जिससे शवों की जांच में परेशानी आई थी.

डाक्टरों का कहना है कि शवों पर जो चोट के निशान हैं वो हत्या से पहले के हैं. इसका मतलब है कि हत्या के बाद ही शवों को कुँए में डाला गया था क्योंकि शवों के अन्दर कुँए के पानी के संकेत भी नहीं मिले हैं.

चिकित्सकों पर सवाल

संसद में मुरमाडी में हुई इस घटना पर विवाद के बाद न तो पुलिस के अधिकारी कुछ कह रहे हैं और न ही स्थानीय प्रशासन. महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक संजीव दयाल नें घटनास्थल का दौरा किया था और लड़कियों के परिवार के लोगों से बात की थी.

भंडारा में शवों का अंत्य परीक्षण करने वाले चिकत्सक भी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बोल रहे हैं. लेकिन लाखनी थाने के अधिकारियों का कहना है की शवों के अलग अलग पंचनामे तैयार किए गए थे और उनमें सारी जानकारी दे दी गयी थी. पुलिस अधिकारियों नें भंडारा के सरकारी अस्पताल में शवों का परीक्षण करने वाले डाक्टरों की योग्यता पर ही सवाल उठा दिए हैं.

दूसरे, नागपुर के सरकारी अस्पताल में शवों का जांच कर रहे फोरेंसिक विभाग के चिकित्सकों नें पुलिस से और जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है.

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