ज़िंदगी की जंग लड़ती एक 'बलात्कार पीड़ित'

  • 27 फरवरी 2013
बलात्कार पीड़ित
गुजरात उच्च न्यायालय में मंगलवार को महिला ने कथित तौर पर एक कीटनाशक पी लिया.

एक 26 वर्षीय 'बलात्कार पीड़ित' ने कथित तौर पर एक कीटनाशक पी कर आत्महत्या करने का प्रयास किया है. अब इस महिला की हालत नाज़ुक बनी हुई है.

इस महिला को कथित तौर पर यह धमकी दी जा रही थी कि उसकी हालत दिल्ली बलात्कार पीड़ित से भी ज़्यादा खराब कर दी जाएगी.

मामला अहमदाबाद का है जहां गुजरात उच्च न्यायालय में मंगलवार को इस महिला ने कथित तौर पर एक कीटनाशक पी लिया.

मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर रावल ने कहा कि अभी तक हाई कोर्ट वाले मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

उन्होंने बताया, ''महिला अभी अस्पताल में है और बेहोश है. उसके होश में आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.''

शादीशुदा

महिला शादीशुदा है और उनका चार साल का बच्चा भी है. महिला स्थानीय अस्पताल में है जहां उनकी हालत नाज़ुक बताई जा रही है.

इस महिला को अस्पताल ले कर जाने वाले वकील बीएम मंगुकिया ने बीबीसी को बताया, ''इस महिला का आरोप है कि पुलिस उसके बलात्कार मामले के अभियुक्त के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है जबकि वे लोग उसे लगातार धमका रहे हैं.''

इस महिला ने हाई कोर्ट में अभियुक्त को ज़मानत दिए जाने के खिलाफ अर्ज़ी लगाई थी लेकिन मंगलवार को इस मामले की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी थी क्योंकि उनके वकील किसी कारण अदालत में नहीं पहुंच सके थे.

मंगुकिया ने कहा कि लगभग 11 बजे की बात है जब उन्होंने यह कदम उठाया.

ज़मानत का विरोध

उन्होंने बताया कि इस महिला ने यह बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन अभियुक्त को अग्रिम ज़मानत दे दी गई थी.

इस ज़मानत को खारिज करने की मांग को लेकर वह हाई कोर्ट आईं थी.

उन्होंने दावा किया कि इस महिला के मोबाइल फोन में धमकी की रिक़ॉर्डिंग थी जिसमें आवाज़ साफ सुनाई दे रही है.

इस महिला को कथित तौर पर धमकाया गया कि पुलिस उनके खिलाफ कुछ नहीं कर सकती और वे जहां जाना चाहती है चली जाएं.

धमकी

मंगुकिया का दावा है कि यह भी धमकी दी कि अगर उसने अपनी शिकायत वापस नहीं ली तो न केवल उसके भाई और बच्चे को मार दिया जाएगा बल्कि उसकी हालत दिल्ली की गैंगरेप पीड़ित महिला से भी बदतर कर दी जाएगी.

गौरतलब है कि दिसंबर के महीने में एक चलती बस में एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था जिसके बाद उनकी सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी.

इस सामूहिक बलात्कार के बाद न्यायमूर्ति जेएस वर्मा की अध्यक्षता में गठित समिति ने हर स्तर पर व्यापक प्रशासनिक सुधारों की सिफ़ारिश की थी.

उन्होंने कहा था कि पहले से मौजूद क़ानूनों को लागू किया जाए तो भी ऐसे अपराधों से निपटा जा सकता है.

क्य कहना है आयोग का

बीबीसी ने इस मामले में गुजरात राज्य महिला आयोग की प्रमुख लीलाबेन अंकोलिया से बात की जिनका कहना था, ''हम सोच रहे हैं कि पुलिस से इस बारे में पूछा जाए कि उसने मामले में क्या कार्रवाई की है.''

उन्होंने कहा, ''हालांकि क्योंकि मामला अदालत में है आयोग ऐसे मामलों में कुछ खास नहीं कर सकता है.''

पूछने पर कि क्या आयोग महिला या उनके परिवार वालों से उनके बारे में मिला है तो प्रमुख ने कहा कि वो जल्दी ही उनसे संपर्क स्थापित करेगा.

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