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कोडनानी मामले पर अदालत ने कहा क्या था..

 सोमवार, 25 फ़रवरी, 2013 को 18:10 IST तक के समाचार

माया कोडनानी

पिछले साल 31 अगस्त को गुजरात की एक विशेष अदालत ने राज्य की पूर्व मंत्री माया कोडनानी और बजरंग दल नेता बाबू बजरंगी समेत 31 लोगों को नरोदा पटिया नरसंहार का दोषी करार दिया था.

कोर्ट ने तत्कालीन विधायक और मोदी सरकार की पूर्व मंत्री कोडनानी को “नरोदा इलाके में दंगों का सरगना” करार दिया था.

चलिए आपको बताते हैं कि विशेष अदालत की जज ज्योत्सना याज्ञनिक ने 1900 पेज के फ़ैसले में कुछ अहम टिप्पणियाँ क्या थी.....

  • सांप्रदायिक दंगे संवैधानिक धर्मनिरपेक्षता पर कैंसर की तरह हैं और नरोदा पटिया की घटना भारतीय संविधान के इतिहास का काला अध्याय है.
  • सांप्रदायिक दंगे निर्मम, अमानवीय और शर्मनाक हैं. ये (नरोदा) मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है. इसमें 97 लोगों की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गई, जिनमें असहाय महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे. इस अमानवीयता की हद 20 दिन के बच्चे की निर्मम हत्या के रूप में हुई.
  • ये एक पूर्व-नियोजित षड्यंत्र था और यह कहकर इसे हल्का नहीं किया जा सकता कि ये गोधरा में ट्रेन जलाने की प्रतिक्रिया थी. किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाज़त नहीं दी जा सकती क्योंकि भारत में कानून का राज़ चलता है.
  • कोडनानी नरोदा पटिया में हुए दंगों के पीछे मुख्य व्यक्ति थी. उन्होंने भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया. उन्होंने हिंसा पर उतारू भीड़ को भड़काया और उसका साथ दिया.

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