हेलिकॉप्टर सौदे की जाँच में ब्रिटेन मदद करेगा: कैमरन

  • 19 फरवरी 2013

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे की जाँच में भारत को जो भी मदद चाहिए होगी उसमें ब्रिटेन सहयोग करेगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ब्रिटेन में रिश्वतखोरी के खिलाफ कड़े प्रावधान हैं.

कैमरन से जुड़े दिलचस्प तथ्य

अपनी भारत यात्रा के दौरान मंगलवार को कैमरन और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मीडिया से ये बात कही. हेलिकॉप्टर सौदे में कथित घूसखोरी का मुद्दा इस समय भारत के राजनीतिक परिदृश्य पर छाया हुआ है.

इससे पहले मनमोहन सिंह ने कहा था कि उन्होंने ब्रितानी प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में अगस्ता वेस्टलैंड सौदे को लेकर हुए गड़बड़ियों पर चिंता जताई थी और ब्रिटेन से मदद माँगी है.

भारत ने इटली की फिनमकैनिका कंपनी से 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर ख़रीदने का सौदा किया था. लेकिन इस सौदे में करीब 350 करोड़ की घूसखोरी का आरोप लगे हैं. सौदे के अनुसार तीन हेलिकॉप्टर भारत आ भी चुके हैं जिन्हें इंग्लैंड में बनाया गया था.

दिल्ली में मीडिया को दिए बयान में कैमरन ने पाकिस्तान और मुंबई हमलों का भी जिक्र किया.

कैमरन ने कहा, “भारत और ब्रिटेन दोनों आतंकवाद के शिकार रहे हैं. दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि दुनिया को स्थिर और शांतिपूर्ण पाकिस्तान की ज़रूरत है. मुंबई हमलों के दोषियों को सज़ा दिलाना इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा है.”

कारोबार पर ज़ोर

कैमरन और मनमोहन सिंह की बातचीत में अफगानिस्तान की स्थिति पर भी चर्चा हुई. कैमरन ने कहा कि ब्रिटेन अफगानिस्तान को अधर में नहीं छोड़ रहा है वहीं मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के प्रति अपनी वचनबद्धता दोहराई.

चटपटे खाने के शौकीन कैमरन

अपने भाषण में कैमरन बार-बार भारत-ब्रिटेन के मज़बूत संबंधों का ज़िक्र करते रहे. कैमरन ने यहाँ तक कहा कि वो अपने साथ जो प्रतिनिधिमंडल लेकर आए हैं, वो ब्रिटेन के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा दल है.

सामरिक महत्व के मुद्दों के अलावा व्यापार को बढ़ाने पर भी दोनों नेताओं ने बात की.

कैमरन ने कहा, “2015 तक अपने द्विपक्षीय कारोबार को 23 अरब पाउंड ले जाने के लक्ष्य की ओर हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं. यूरोपीय संघ-भारत के बीच व्यापारिक समझौते को लेकर भी बात आगे बढ़नी चाहिए.”

भारत से बड़ी संख्या में हर साल छात्र ब्रिटेन पढ़ने के लिए जाते हैं लेकिन पिछले कुछ समय से वीज़ा को लेकर दोनों देशों में थोड़ा तनाव रहा है.

लेकिन भारत आए कैमरन ने स्पष्ट कर दिया कि वीज़ा कोई मुद्दा नहीं है. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन आकर पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या पर कोई बंदिश नहीं है बशर्ते वो न्यूनतम शर्तें पूरी करते हों.

लेकिन कैमरन घोषणा कर चुके हैं कि कारोबार के लिए इच्छुक भारतीयों को तुरंत वीज़ा दिया जाएगा.

मनमोहन सिंह ने भी अपने भाषण में बार-बार ब्रिटेन के साथ गहरे होते रिश्तों का ज़िक्र किया.

भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि कैमरने के साथ ईरान, पश्चिमी एशिया, साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विमर्श हुआ है.

प्रधानमंत्री बनने के बाद ये कैमरन का दूसरा भारतीय दौरा है. उनके इस दौरे को भारत के साथ रिश्तों को और बेहतर बनाने की ओर एक कदम माना जा रहा है. माना यही जा रहा है डेविड कैमरन भारत से कारोबारी रिश्तों को नई उंचाई देना चाहते हैं.

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