BBC navigation

कुंभ जाने वालों की सोच 'वैज्ञानिक'

 मंगलवार, 19 फ़रवरी, 2013 को 01:51 IST तक के समाचार
कुंभ

साल 1989 से हर कुंभ और अर्धकुंभ मेलों में वैज्ञानिक चेतना पर सर्वेक्षण किया जाता रहा है

अगर आप यह समझते हैं कि कुंभ मेले में जाने वाले लोग बहुत अंधविश्वासी होते हैं और उन्हें विज्ञान के बारे में कोई जानकारी नहीं होती तो शायद ये सोच बदलने का वक्त आ गया है.

एक सर्वेक्षण में सामने आया है कि क्लिक करें कुंभ मेले में जाने वाले लोग इसे धार्मिक कम बल्कि सांस्कृतिक अधिक मानते हैं. साथ ही वे कम अंधविश्वासी हुए हैं और उनमें विज्ञान के बारे में जानकारी बढ़ी है.

यह सामने आया है एक सर्वेक्षण में जो राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद तथा राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं सूचना स्रोत संस्थान (निसकेयर) ने कुंभ के श्रद्धालुओं से बातचीत कर किया जा रहा है.

मुख्य वैज्ञानिक गौहर रज़ा ने बीबीसी को बताया, ''99 प्रतिशत लोग जानते हैं कि धरती गोल है. 60-70 लोग धरती के गुरुत्व बल के बारे में जानते हैं.''

पुरुष और महिलाएं

हालांक कई अन्य चलन भी सामने आए हैं. सर्वेक्षण के मुताबिक ''महिलाएं बराबरी के हक में है पर पुरुष नहीं.''

"यह भी देखने में आया है कि लोगों में सर्वेक्षण को लेकर सोच में बदलाव आया है. अब वे सर्वेक्षण को स्वीकार कर रहे हैं जबकि पहले इससे डरा करते थे. अब वे खुद कह कर साक्षात्कार देते हैं."

मुख्य वैज्ञानिक गौहर रज़ा

रज़ा के मुताबिक, ''एड्स के बारे में लोगों में जानकारी बढ़ी है और इसके मरीज़ो के प्रति छूआछूत की भावना कम हुई है.''

सर्वेक्षण के बारे में उन्होंने कहा, ''यह भी देखने में आया है कि लोगों में सर्वेक्षण को लेकर सोच में बदलाव आया है. अब वे सर्वेक्षण को स्वीकार कर रहे हैं जबकि पहले इससे डरा करते थे. अब वे खुद कह कर साक्षात्कार देते हैं.''

उन्होंने कहा कि इस सर्वेक्षण में 5000 लोगों की बात की जानी है जिसमें अभी तक 2000 से ही बात हो पाई है. इसलिए यह अभी प्रारंभिक नतीजे हैं.

रज़ा ने कहा कि साल 1989 से वो हर कुंभ और अर्धकुंभ में आम नागरिकों में वैज्ञानिक समझ और चेतना पर सर्वेक्षण करते रहे हैं.

उन्होंने कहा, ''लोगों में परमाणु तकनीक, पर्यावरण और स्वास्थ्य को लेकर जानकारी बाकी देशों की तुलना में कम है हालांकि यह पिछले समय के मुकाबले बढ़ी है. खेती बाड़ी के बारे में जानकारी अधिक है.''

उन्होंने कहा कि इस सर्वेक्षण में कुंभ के बारे में कोई सवाल नहीं किया जाता.

रज़ा का मानना था कि कुंभ में देश भर (खास तौर पर उत्तरी क्षेत्र) से लोगों के आने की वजह से यह जानकारी जुटाने का बढ़िया मंच है,''अगर यही काम आप अलग-अलग जगह जाकर करें तो करोड़ों रुपया खर्च होगा.''

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.