हेलिकॉप्टर सौदा रद्द होने की प्रक्रिया शुरू

  • 15 फरवरी 2013
फिनमैकेनिका
हेलिकॉप्टर सौदे पर विवादों की वजह से ग्रहण लग गया है.

भारत ने कहा है कि 12 इतालवी हेलिकॉप्टर की खरीद वाले 3600 करोड़ रुपए के विवादास्पद सौदे को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से फिनमैकेनिका को बहुत बड़ा झटका लगा है.

इस बीच समाचाए एजेंसी एएफपी ने खबर दी है कि इटली के एयरोस्पेस और डिफेंस उपकरणों के निर्माण से जुड़ी अहम कंपनी फिनमैकेनिका के मुखिया ग्विसेप्पे ओरसी ने रिश्वत लेने के आरोपों के मद्देनजर शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया है.

12 हेलिकॉप्टर की खरीद के इस मामले में ओरसी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया था.

राजनीतिक प्रतिक्रिया

उधर हेलिकॉप्टर सौदे में हुई कथित अनियमितता के मुद्दे को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाया है और मामले की पड़ताल सुप्रीम कोर्ट या संसदीय कमेटी की निगरानी वाली विशेष जांच टीम से कराने की मांग की है.

विपक्षी पार्टी भाजपा ने कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कार्यकाल की अवधि को शामिल किए जाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं होगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने भाजपा नेता वैंकैया नायडू के हवाले से कहा,"राजनीतिक जरूरतों के लिए सीबीआई का इस्तेमाल करने के नाम पर कांग्रेस कुख्यात है. इसलिए भाजपा को सीबीआई की जांच स्वीकार नहीं है. क्योंकि सीबीआई की कोई साख नहीं है और सरकार की मंशा भी संदेह के दायरे में है."

नायडू ने कहा कि सरकार को इस बात का जवाब देना चाहिए कि संसद में साल 2011 में ही इसे मुद्दे के उठाए जाने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

जेपीसी गठन की मांग

फिनमैकेनिका
सौदे में संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच की मांग उठी है.

समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक शिवसेना ने संयुक्त संसदीय समिति की निगरानी में रक्षा सौदे की जांच की मांग की है.

पार्टी नेता संजय राउत ने कहा,"क्वात्रोची एक इतालवी नागरिक हैं और सोनिया गांधी के करीबी हैं इसलिए फेडेरल पुलिस और सीबीआई ने उन्हें क्लीन चिट दे दिया था. अभी भी सीबीआई यही करने जा रही है. हम सीबीआई पर पूरी तरह से भरोसा नहीं कर सकते हैं. मैं जेपीसी की मांग करता हूं."

भाजपा नेता बलबीर पुंज ने कहा,"सामने आ रही बातों से गहरी साज़िश का पता चलता है. नौकरशाही, सशस्त्र बलों और सबसे महत्वपूर्ण यह कि राजनीतिक नेतृत्व इसमें शामिल है. अब इस षडयंत्र पर लीपा-पोती की तमाम कोशिशें की जा रही हैं."

जसवंत का बयान

राजग के कार्यकाल के दौरान रक्षामंत्री जसवंत सिंह ने गुरुवार को यह स्वीकार किया कि हेलिकॉप्टर की खरीद के मापदंड तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्र के निर्देशों पर बदले गए थे.

इसी बदलाव की वजह से अगस्ता वेस्टलैंड को निविदा प्रक्रिया में भाग लेने का मौका मिला था.

हालांकि जसवंत सिंह ने ब्रजेश मिश्र का यह कहते हुए बचाव किया कि इससे निविदा प्रक्रिया में एक ही खिलाड़ी के बने रहने की स्थिति से बचने के लिए किया गया था.

भाकपा नेता डी राजा ने कहा,"पारदर्शिता होनी चाहिए. काम करने का एक तरीका होना चाहिए इससे साफ सुथरा प्रशासन मिलता है जो संसद और जनता के प्रति जिम्मेदार होता है और अगर इन मुद्दों की जांच के लिए जेपीसी की जरूरत है तो हम इसकी मांग करते हैं."

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