छत्तीसगढ़ में ट्रेन हाइजैक अपराधी को ले भागे

  • 7 फरवरी 2013
  फ़ाईल चित्र
ट्रेन के ड्राईवर नें रायपुर के स्टेशन मास्टर को अपने वायरलैस सेट से दी जिसके बाद पुलिस पहुंची.

तौर तरीका घटनाक्रम पूरा फ़िल्मी लेकिन घटना सच है. छत्तीसगढ़ में एक गिरोह ने पूरी की पूरी ट्रेन पर कब्ज़ा कर लिया और बड़े अपराधी को ले भागे.

सशस्त्र अपराधियों ने रायपुर के पास जनशताब्दी एक्सप्रेस को अपने कब्जे में ले लिया और उसमें पेशी के लिए ले जाए जा रहे एक कुख्यात अपराधी को छुड़ा लिया.

इस नाटकीय घटनाक्रम में पुलिस का एक जवान और ट्रेन के इंजिन का सहायक ड्राइवर घायल बताए जाते हैं.

घटनाक्रम

इस ट्रेन पर उपेन्द्र सिंह नामक अपराधी को पेशी के लिए ले जाया जा रहा था. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भिलाई स्टेशन से लगभग दस की संख्या में अपराधियों का एक दल ट्रेन में सवार हुआ. कुछ अपराधी उस बोगी में सवार हो गए जिसमें पुलिसकर्मी उपेन्द्र सिंह को लेकर जा रहे थे जबकि बाक़ी के अपराधी इंजिन में सवार हो गए. पुलिस का कहना है कि इसी दौरान अपराधियों ने ड्राइवर और उसके सहायक की कनपटी पर पिस्तौल तान दी. जब सहायक ड्राइवर नें इसका विरोध किया तो उन्होंने पिस्तौल के बट से मार कर उसे घायल कर दिया. फिर कुम्हारी और सरोना स्टेशनों के बीच उन्होंने जबरन ट्रेन रुकवा ली. तब तक बोगी में सवार उनके सहयोगियों ने उपेन्द्र सिंह को ले जा रहे पुलिसकर्मियों की आँखों में मिर्चों का पावडर फ़ेंक दिया और एक पुलिसकर्मी को पिस्तौल के बट से मारकर घायल भी कर दिया.

इस मामले की सूचना सबसे पहले ट्रेन के ड्राइवर नें रायपुर के स्टेशन मास्टर को अपने वायरलैस सेट से दी.इसके बाद पुलिस उस जगह पहुंची जहाँ अपराधियों ने ट्रेन को जबरन रुकवाया था.

अब

घायल सहायक ड्राइवर एके ठाकुर और पुलिसकर्मी विजय सिंह को इलाज के लिए रायपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

रायपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईए खान का कहना है कि अपराधी उन्पेंद्र सिंह को हथकड़ियों सहित छुडवा कर ले गए. झारखण्ड के हजारीबाग के रहने वाले उपेन्द्र सिंह पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वो उम्र क़ैद की सज़ा काट रहा था.

ट्रेन के रुकने के अपराधी वहां मौजूद एक पिकअप वैन में सवार होकर अभनपुर की तरफ भागे. बाद में वो एक दूसरी कार में सवार होकर भाग रहे थे कि तभी पाटन के पास उनकी गाड़ी पलट गयी और वो पैदल ही भाग निकले.

पुलिस का कहना है कि उन्होंने पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी है. हालांकि रेलवे और पुलिस के अधिकारी इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बोल रहे है हैं, मगर सूत्रों का कहना है कि उपेन्द्र सिंह को जो पुलिसकर्मी बिलासपुर से दुर्ग के न्यायलय में पेशी के लिए ले गए थे उनके पास हथियार नहीं थे.

घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

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