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बलात्कार की घटना ने देश को झकझोरा: प्रणब

 शुक्रवार, 25 जनवरी, 2013 को 22:27 IST तक के समाचार

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करते हुए कहा है कि पिछले दिनों दिल्ली में हुई सामूहिक बलात्कार की घटना ने देश को झकझोर दिया है.

गणतंत्र दिवस के मौके पर देश को पहली बार संबोधित करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, “मैं आपको ऐसे समय पर संबोधित कर रहा हूँ जब एक बहुत व्यापक त्रासदी ने हमारे मन को झकझोर डाला है. एक नवयुवती के नृशंस बलात्कार और हत्या ने एक ऐसी महिला, जो कि उदीयमान भारत की आकांक्षाओं का प्रतीक थी, हमारे दिलों को ख़ालीपन से और हमारे मनों को क्षोभ से भर दिया है.”

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने सिर्फ एक जान से कहीं अधिक कुछ है. उनके अनुसार भारत ने एक सपना खो दिया.

प्रणब मुखर्जी ने कहा कि देश की नैतिक दिशा को फिर से निर्धारित करने का वक्त आ गया है.

राष्ट्रपति ने जनता से सरकार में भरोसा कायम रखने की अपील भी की, उन्होंने कहा, “लोगों को यह विश्वास होना चाहिए कि शासन भलाई का एक माध्यम है और इसके लिए हमें सुशासन सुनिश्चित करना होगा.”

युवाओं को रोज़गार

देश के आर्थिक हालात पर बोलते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारत के विकास में ग्रामीण क्षेत्र के युवा अग्रणीय भूमिका निभाएंगे और आने वाला समय इन्हीं युवाओं का है. उन्होंने कहा, “युवा खाली पेट सपना नहीं देख सकते. उनके पास अपनी और राष्ट्र की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए रोजगार होना चाहिए.”

हालांकि राष्ट्रपति ने देश में मौजूद आर्थिक विषमताओं की ओर भी इशारा किया. उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कहीं आर्थिक विकास से प्राप्त लाभ पर, पिरामिड के शिखर पर बैठे भाग्यशाली लोगों का ही एकाधिकार न हो जाए. धन इकट्ठा करने का बुनियादी उद्देश्य हमारी बढ़ती जनसंख्या से भुखमरी, निर्धनता और अल्प आजीविका की बुराई को जड़ से खत्म करना होना चाहिए.”

राष्ट्रपति ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को जनता का भरोसा दोबारा जीतना होगा.

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