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अकबरुद्दीन ओवैसी हुए गिरफ्तार

 मंगलवार, 8 जनवरी, 2013 को 18:13 IST तक के समाचार
अकबरुद्दीन ओवैसी

अकबरुद्दीन ओवैसी अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में रहे हैं

विवादास्पद बयान देने के आरोप में मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलिमीन के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है. स्थानीय अदालत के निर्देश के बाद उनके ख़िलाफ मामला दर्ज किया गया था.

अधिकारियों के अनुसार ओवैसी ने जांच में सहयोग नहीं दिया जिसके कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया है.

हालांकि ओवैसी के वकील का कहना है कि ओवैसी जांच में पूरा सहयोग कर रहे थे और अगर ओवैसी के स्वास्थ्य को कुछ होता है तो पुलिस इसकी ज़िम्मेदार होगी.

इससे पहले ओवैसी की मंगलवार को हैदराबाद के एक सरकारी अस्पताल में मेडिकल-जांच की गई क्योंकि ओवैसी ने ख़राब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पुलिस से चार दिन का समय मांगा था.

डॉक्टरी जांच के एक घंटे बाद ओवैसी को हिरासत में लेने का फैसला किया गया.

डॉक्टरों का कहना है कि उनकी दाहिनी जांघ में गोली धंसी होने से उनकी एक नस दब रही है जिसके कारण वह ज्यादा चल फिर नहीं सकते हैं.

लगभग तीन घंटे चली इस जांच में ह्दय और दूसरे कई विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल थे.

उनका कहना है कि अकबरुद्दीन की एमआरआई जांच नहीं की जा सकी है. दो वर्ष पहले उन पर जानलेवा हमला हुआ था जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए थे.

42 वर्षीय ओवैसी मेडिकल पढ़ाई छोड़ कर नेता बने हैं. वो तीसरी बार विधायक बने हैं और उनका इलाका चंद्रायन गुट्टा है जो हैदराबाद में हैं. ओवैसी अपने आक्रामक रवैये और भाषणों के कारण जाने जाते हैं.

अस्पताल ले जाने की वजह

यह जांच पुलिस ने उस समय कराई जब अकबरुद्दीन ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पुलिस के सामने हाज़िर होने के लिए चार दिन का समय मांगा था.

आदिलाबाद जिले के निर्मल टाउन पुलिस का एक दल मंगलवर सुबह अकबरुद्दीन के निवास स्थान पहुंचा और उन्हें जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया.

विशेषज्ञों का एक दल लगभग तीन घंटे तक उनकी जांच करता रहा जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है.

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने गांधी अस्पताल के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे.

वहां अकबरुद्दीन और मजलिस के सैकड़ों समर्थकों के जमा हो जाने से तनाव और भी बढ़ गया. वे अकबरुद्दीन के समर्थन में नारे लगा रहे थे.

सियासी रंग

इससे पहले, लंदन से सोमवार को वापस हुए अकबरुद्दीन ने जहां पुलिस के सामने बयान देने के लिए समय मांगा, वहीं उनके वकीलों ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की.

उनका ये भी कहना है कि ये तमाम मामले राजनीतिक कारणों से मामले दर्ज किए गए हैं.

इस बीच पूरा मामला साम्प्रदायिक रंग लेता दिखाई दे रहा है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े दूसरे कई हिन्दू संगठन अकबरुद्दीन की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में अकबरुद्दीन ओवैसी के निवास स्थान पर हमला किया है और वहां तोड़फोड़ मचाई है.

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