बलात्कार मामले पर 10 विवादास्पद बयान

 मंगलवार, 8 जनवरी, 2013 को 18:51 IST तक के समाचार

बलात्कार के कारणों में महिलाओं को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश तो नहीं?

दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले में समाज के अलग-अलग क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियों के बयानों ने मामले पर मरहम लगाने के बजाए विवादों को हवा दी है.

ये बयान तो अलग-अलग लोगों के हैं लेकिन सारे बयान एक ही सोच से प्रेरित नजर आते हैं.

ये सोच महिलाओं को भारतीय समाज में दोयम दर्जे का मानने से जुड़ी दिखती है. ऐसे ही दस बयानों पर एक नज़र.

आसाराम बापू, धार्मिक गुरु

केवल पांच-छह लोग ही अपराधी नहीं हैं. बलात्कार की शिकार हुई बिटिया भी उतनी ही दोषी है जितने बलात्कारी. वह अपराधियों को भाई कहकर पुकार सकती थी. इससे उसकी इज्जत और जान भी बच सकती थी. क्या ताली एक हाथ से बज सकती है, मुझे तो ऐसा नहीं लगता.

मोहन भागवत, राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख

आप देश के गांवों और जंगलों में देखें जहां कोई सामूहिक बलात्कार या यौन अपराध की घटनाएं नहीं होतीं. यह शहरी इलाकों में होते हैं.

कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी नेता और मंत्री, मध्य प्रदेश सरकार

महिलाओं को ध्यान रखना होगा कि उन्होंने लक्ष्मण रेखा लांघी तो रावण सामने होगा. इसलिए उन्हें मर्यादा में रहना चाहिए.

अभिजीत मुखर्जी, कांग्रेस सांसद और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे

हम भी छात्र रहे हैं और कॉलेज गए हैं, जानते हैं कि कॉलेज के बच्चे कैसे होते हैं. रात में डिस्को जाना और दिन में कैंडल लेकर सड़कों पर उतरना फैशन हो गया है. सुंदर-सुंदर महिलाएं सज-धज कर बच्चों के साथ विरोध करने आती हैं. मुझे तो नहीं लगता कि वे स्टूडेंट होती भी हैं.

( विवाद बढ़ने पर अभिजीत मुखर्जी ने इस बयान के लिए माफी मांग ली)

बनवारी लाल सिंघल, बीजेपी विधायक, अलवर

स्कूली छात्राओं के स्कर्ट पहनने से यौन उत्पीड़न के मामले बढ़ते हैं.

अनीता शुक्ला, कृषि वैज्ञानिक

दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले की पीड़िता को छह पुरुषों के सामने आत्मसमर्पण कर देना चाहिए था, इससे उसकी आंत निकालने की नौबत नहीं आती.

( ये बयान पीड़िता की मौत से पहले दिया गया था.)

अनीसुर रहमान, विधायक, पश्चिम बंगाल

हम ममता दी से पूछना चाहते हैं उन्हें कितना मुआवजा चाहिए. बलात्कार कराने के लिए वे कितना पैसा लेंगी.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बलात्कार पीड़ितों के लिए 20 हज़ार रुपये मुआवजे की घोषणा करने के बाद रहमान ने ये बयान दिया था.

अशोक सिंघल, अध्यक्ष, विश्व हिंदु परिषद

महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध इसलिए बढ़ते जा रहे हैं क्योंकि हम पश्चिमी सभ्यता की नकल कर रहे हैं.

बोत्सा सत्यनारायण, अध्यक्ष, आंध्र प्रदेश कांग्रेस

भारत को आधी रात में आजादी मिली थी, इसका ये मतलब नहीं है कि महिलाओं को रात के अंधेरे में निकलना चाहिए. सामूहिक बलात्कार की पीड़िता को कुछ ही यात्रियों वाली बस पर नहीं चढ़ना चाहिए था.

ननकी राम कंवर, गृहमंत्री, छत्तीसगढ़

पता नहीं 2012 जाते-जाते क्या ले कर गया है..पूरा महिलाओं का चीरहरण समझ लीजिए..ग्रह के विपरीत होने का नुकसान हो सकता है.

इनके अलावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी इस मसले पर एक विवादास्पद बयान दिया-

सभी बलात्कार-बलात्कार चिल्ला रहे हैं लेकिन सभी बलात्कारी बिहार के हैं ये कोई नहीं कह रहा है.

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