क्या चली जाएगी धोनी की कप्तानी?

 बुधवार, 2 जनवरी, 2013 को 14:04 IST तक के समाचार

टीम इंडिया की लगातार हार से एमएस धोनी को कप्तानी से हटाने के लिए बढ़ता दबाव.

पिछले दिनों भारत के पू्र्व ऑलराउंडर और चयन समिति के पूर्व सदस्य मोहिंदर अमरनाथ ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी जाने वाली थी, लेकिन बीसीसीआई चेयरमैन एन श्रीनिवासन के हस्तक्षेप के चलते उनकी कप्तानी बची रही.

तब से धोनी की कप्तानी पर लगातार तलवार लटकी हुई है.

इसकी वजह है टीम इंडिया का लचर प्रदर्शन. टीम की लगातार हार के बीच धोनी कप्तान और बल्लेबाज़ के तौर पर इंग्लैंड के ख़िलाफ़ कुछ ख़ास नहीं कर पाए. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ चेन्नई वनडे में उन्होंने एक बेहतरीन शतक जरूर बनाया लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए.

ऐसे में उनकी कप्तानी पर उठता सवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. भारतीय क्रिकेट टीम के पू्र्व कप्तान और दुनिया के महान सलामी बल्लेबाज़ रहे सुनील गावस्कर ने कहा है कि अब समय आ गया है कि जब कप्तानी की बागडोर युवा विराट कोहली को सौंप दी जाए.

गावस्कर के मुताबिक धोनी को थोड़ा आराम दिए जाने की जरूरत है ताकि वह तरोताज़ा होकर अपना स्वभाविक खेल खेल सकें.

दबाव में हैं धोनी

अंडर 19 टीम की कप्तानी करते हुए भारत को विश्व कप जिता चुके विराट कोहली के कोच और दिल्ली रणजी टीम के पू्र्व आलराउंडर राजकुमार शर्मा मानते हैं कि अगर चयनकर्ताओं को लगता है कि विराट को कप्तान बनाया जाए तो उन्हे कप्तान बनाया जा सकता है.

"अब वक्त आ गया है जब भारत का क्रिकेट बोर्ड भारत की क्रिकेट को बचाए ना कि धोनी को, क्योंकि धोनी को बचाने की कोशिश में एक चयनकर्ता जिन्हें चेयरमैन बनाने का वादा किया गया था उन्हें इसलिए हटा दिया गया क्योंकि वह धोनी को कप्तानी से हटाना चाहते थे."

मनिंदर सिंह, पूर्व क्रिकेटर

हालांकि उसके साथ ही वह ये भी कहते है कि उन्होंने विराट को यही सलाह दी है कि वह अच्छा खेलने पर ध्यान दें.

धोनी की बात चलने पर राजकुमार शर्मा मानते है कि उन्हे अभी कप्तानी से हटाना ठीक नही है. वे कहते हैं, "उन्होने भारत को टवेंटी-टवेंटी और वन-डे का विश्व कप जिताया है, उन्हे कुछ साबित करने की ज़रुरत नही है. एक दो सिरीज़ में हार से यह साबित नही हो जाता कि वह ख़राब कप्तान है, लेकिन पिछली टेस्ट में जिस तरह से उन्होंने निर्णय लिए वह ज़रुर सोचने की बात है लेकिन धोनी सफल ओर बेहतरीन कप्तान है."

विराट हैं दावेदार

महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट के तीनों प्रारूप टेस्ट, वन-डे और टवेंटी-टवेंटी में से कम से कम एक में से कप्तानी से हटाने वालों में पूर्व सलामी बल्लेबाज़ चेतन चौहान और पूर्व कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन शामिल हैं.

इन दोनों का साफ़-साफ़ मानना है कि तीनों प्रारूप में कप्तानी करने से अत्तिरिक्त दबाव बनता है. इत्तेफाक़ से इन दोनों की पसंद भी गावस्कर की तरह विराट ही हैं.

धोनी को टेस्ट क्रिकेट की कप्तानी से हटाए जाने की बात पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह भी कहते हैं.

मनिंदर सिंह कहते हैं, "अब वक्त आ गया है जब भारत का क्रिकेट बोर्ड भारत की क्रिकेट को बचाए ना कि धोनी को, क्योंकि धोनी को बचाने की कोशिश में एक चयनकर्ता जिन्हें चेयरमैन बनाने का वादा किया गया था उन्हें इसलिए हटा दिया गया क्योंकि वह धोनी को कप्तानी से हटाना चाहते थे."

बहरहाल, गेंद अब चयनकर्ताओं के पाले में है, जो कप्तानी में बदलाव करते हैं या फिर धोनी पर ही भरोसा करते हैं. ये देखना दिलचस्प होगा.

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