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जन्मदिन पर सलमान को अदालत का 'तोहफ़ा'

 गुरुवार, 27 दिसंबर, 2012 को 20:20 IST तक के समाचार

सलमान खान इससे पहले काले हिरण शिकार मामले में भी अदालत जाना पड़ा है.

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को अपने जन्मदिन पर अदालत से एक बड़ी राहत मिली जब मुंबई में 2002 में हुई एक कार दुर्घटना के मामले में चल रही सुनवाई में उन्हें कोर्ट में पेश होने से छूट मिल गई.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक गुरुवार को बांदरा के मेट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट ने सलमान के वकील दीपेश मेहता की अर्ज़ी पर उनको ये राहत मिली. इस अर्ज़ी के मुताबिक मुंबई हाई कोर्ट ने पहले ही सलमान को ये छूट दे दी थी.

अदालत में सलमान ख़ान को पुलिस के खिलाफ़ मामले में जानबूझ कर देर करने की शिकायत पर सुनवाई हो रही थी. अदालत ने सलमान से इन आरोपों का जवाब देने के लिए खुद पेश होने के लिए कहा था.

सलमान 27 दिसंबर को अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं.

व्यक्तिगत पेशी का आदेश

तीन दिसंबर को पूर्व नौकरशाह से वकील बनीं आभा सिंह नें अदालत में एक अर्जी लगाई थी जिसमें सलमान पर जानबूझकर मामले को लटकाने का आरोप लगाया. इसके बाद अदालत ने सलमान को समन किया.

वर्ष 2002 के दिसंबर माह की 28 तारीख को हुई इस कार दुर्घटना में सलमान खान की लैंड क्रूज़र ने मुंबई के बांद्रा इलाके में एक बेकरी में टक्कर मार दी थी, जिसमें फुटपाथ पर सोए एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे.

इससे पहले सलमान खान के वकील दीपेश मेहता ने कहा था,“हमें समन मिले हैं, मैं सलमान की ओर से इस मामले में पेश होउंगा.”

गुरुवार को मेहता ने अदालत में कहा कि क्योंकि इस मामले में हाई कोर्ट ने पहले ही सलमान को स्थायी तौर पर पेशी से छूट दे दी है, इसलिए वे खुद अदालत नहीं आए हैं और उन्होंने कोर्ट से पेश होने से छूट मांगी है.

साथ ही वकील ने ये भी कहा कि जब भी कोर्ट निर्देश देगा, सलमान अदालत में पेश होने के लिए तैयार हैं.

मामला

गैर-इरादतन हत्या के इस मामले में सलमान खान कहते रहे हैं कि ये सिर्फ एक हादसा था और उन्होंने जानबूझकर किसी की हत्या नहीं की है.

पिछले ही दिनों बंबई उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि इस मामले में गैर-इरादतन हत्या का मामला नहीं बनता और सिर्फ लापरवाही से गाड़ी चलाने और उससे संबधित धाराओं में ही मुकदमा चलाया जाए.

हालांकि इसी साल पुलिस ने सलमान खान पर गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चलाए जाने की अर्जी लगाई थी जिसमें गैर-इरादतन हत्या का मामला चलाए जाने की अपील की गई है. इस अर्जी पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.

इस मामले की सुनवाई 2005 में शुरू हुई और अभियोग पक्ष ने अब तक 11 गवाहों से गवाही ले ली है जिनमें सलमान की सुरक्षा में तैनात दो सरकारी पुलिस वाले अपनी गवाही से मुकर गए हैं.

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