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'महाविनाश' पर थिरकने की तैयारी में युवा

 शुक्रवार, 21 दिसंबर, 2012 को 20:57 IST तक के समाचार
बैंगलुरु

बैंगलुरु में मेला लगा हुआ है जहां पेंटिंग से लेकर साज़ोसामान की प्रदर्शनी भी लगी हुई है

कर्नाटक के बंगलौर में क़यामत के जश्न की तैयारियां चल रही हैं. बंगलौर शहर के पैलेस रोड पर नौजवान लड़के और लड़कियां जमा हो रहे हैं, माया कैलेंडर के अनुसार ये दुनिया के अंत का दिन है यानी क़यामत का दिन.

21 दिसंबर 2012 को माया कैलेंडर की भविष्यवाणी पर हॉलीवुड की फिल्म भी बनी है. मगर दक्षिण भारत के इस शहर में क़यामत के स्वागत के लिए जश्न का माहौल है.

शहर के बीचो-बीच एक बड़े नाईट क्लब ने इस दिन के आखिरी पलों तक को नाच गाकर बिताने का मन बना लिया है. यही वजह है की शहर भर के नामीगिरामी 'डीजे' एक साथ जमा होकर अपनी धुनों पर लोगों को - खासकर के युवा पीढ़ी को थिरकने पर मजबूर कर देंगे.

ये जश्न सूरज ढलते ही शुरू हो रहा है जो आधी रात तक चलेगा.

"दुनिया अगर ख़त्म भी हो जाए तो हम चाहते हैं कि इसका अंत खुशियां मनाते हुए हो. नाचते गाते हम दुनिया से जाना चाहते हैं न कि डर के. भविष्यवाणी की गयी है कि आज क़यामत का दिन है. आज प्रलय होगा. हम 21 दिसंबर के ख़त्म होने तक जश्न मनाएंगे."

शरत राईस

पैलेस रोड पर स्थित 'पेब्बेल्स' क्लब में सारी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं. 'डांस टू द एंड आफ द वर्ल्ड' यानी दुनिया के ख़त्म होने तक नाचो नाम के शीर्षक से हो रहे इस आयोजन में बंगलौर के 75 से ज्यादा 'डीजे' शामिल हो रहे हैं.

शरत राईस आयोजकों में से एक हैं जो बीबीसी से बातचीत के क्रम में कहते हैं, "दुनिया अगर ख़त्म भी हो जाए तो हम चाहते हैं कि इसका अंत खुशियां मनाते हुए हो. नाचते गाते हम दुनिया से जाना चाहते हैं न कि डर के. भविष्यवाणी की गई है कि आज क़यामत का दिन है. आज प्रलय होगा. हम 21 दिसंबर के ख़त्म होने तक जश्न मनाएंगे."

दो दिन का जश्न

एक अन्य आयोजक सफ़दर का कहना है कि अगर दुनिया 21 दिसंबर को ख़त्म नहीं होती है तो बचने का जश्न दो और दिनों तक चलेगा.

बंगलौर में इस तरह की पार्टियां पिछले तीन सालों से आयोजित की जा रहीं हैं. यानी जिस दिन से माया कैलेंडर की भविष्यवाणी की बात सामने आई, तब से 'डूम्स डे पार्टीज' का चलन बढ़ गया है. शहर के एक दूसरे स्थान पर इस तरह की एक पार्टी का नाम दिया गया है 'द वर्ल्ड नेवर एंड्स' यानी दुनिया कभी ख़त्म नहीं हो सकती है.

डीजे

माया कैलेंडर की भविष्यवाणी पर हॉलीवुड की फिल्म भी बनी है

पेलेस रोड पर लड़के लड़कियों का आना शुरू हो चुका है. शुक्रवार काम करने वाला सप्ताह का अंतिम दिन है इसलिए रौनक देखते ही बनती है.

पेब्बेल्स क्लब में हो रहे इस आयोजन को शराब की कंपनियों के साथ-साथ कई नामीगिरामी उपभोक्ता कंपनियों ने प्रायोजित किया है.

लोगों में 21 दिसंबर को लेकर पैदा हुए उत्साह की वजह से यहां पर मेला भी लगा हुआ है जहां खाने के सामान से लेकर पेंटिंग और साजो-सज्जा का हर सामान उपलब्ध है.

बंगलौर की युवा पीढ़ी क़यामत के इस दिन के खौफ को शराब और संगीत के माध्यम से भूल जाना चाहती है. अगर 21 दिसंबर को क़यामत नहीं आई तो बस फिर क्या ? अगले दो दिनों तक भी जश्न का ही माहौल रहेगा.

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