बलात्कारियों को नपुंसक बना दो: ममता

  • 18 दिसंबर 2012
ममता शर्मा
राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख ममता शर्मा ने बलात्कारियों को नपुंसक बनाने की माँग की है

राजधानी दिल्ली में रविवार की रात एक मेडिकल छात्रा से हुई सामूहिक बलात्कार की घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा का कहना है बलात्कारियों को नपुंसक बना दिया जाना चाहिए.

ममता शर्मा ने बीबीसी से खास बातचीम में कहा, " बलात्कारियों को आजीवन कारावास की सज़ा देनी चाहिए और उन्हें नपुंसक बना देना चाहिए. इस कड़ी सज़ा के बिना काम नहीं बनेगा और ऐसी सज़ा मिलने के बाद ही आरोपी जिंदा रहते हुए भी मरे रहेंगे."

ममता शर्मा का कहना था कि क़ानून में बलात्कारियों के खिलाफ सज़ा तो है लेकिन उसे लागू किया जाना अहम है.

साथ ही उनका कहना है, ''दिल्ली में जो आस-पास के इलाके फरीदाबाद, गुडगांव और गाजियाबाद से अस्थाई आबादी आती है उन्हें पहचान पत्र दिए जाने चाहिए. कोर्ट के दिशानिर्देश होने के बावजूद गाड़ियों पर से काले शीशे नहीं हटाए गए हैं, गाड़ियो पर पर्दे लगे रहते है. सुप्रीम कोर्ट के इन दिशानिर्देशों को भी लागू नहीं किया जा रहा है.''

इस बीच बस के ड्राइवर राम सिंह को दिल्ली की एक अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तारी राम सिंह की पिछली रात हुई थी. राम सिंह को मेट्रोपोलिटन मेजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया.

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट नम्रता अग्रवाल ने दिल्ली पुलिस की उस याचिका को मंजूर कर लिया है जिसमें राम सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी गई थी ताकि इस मामले से संबंधित फरार तीन युवको के बारे में पता लगाया जा सके.

इस बीच ममता शर्मा का कहना है कि ऐसी बसों के लाइसेंस रद्द किए जाने चाहिए और जो सज़ा अभियुक्तों को दी जाएगी वही ड्राइवर को भी दी जाए.

उनका है, "समाज, राजनीतिज्ञों को मिलकर इसकी रोकथाम पर काम करने के साथ-साथ ऐसे लोगों को शर्मसार करने के लिए ऐसे अभियुक्तों की सरकारें तस्वीर लगाए, उनके पिता का नाम और घर के बारे में विज्ञापन दे ताकि जनता भी जाने की उन्होंने क्या किया है."

फाँसी की माँग

दिन में सांसदों ने एक सुर में इस बलात्कार पर आक्रोश जताया और सरकार से बयान की मांग की.

संसद में उठे बवाल के बाद गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने की योजना को लेकर तैयार की गई रूप-रेखा की जानकारी दी.

उससे पहले लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने बलात्कार करने वालों को मौत की सज़ा देने की मांग की.

स्वराज ने कहा, "अब समय आ गया है कि बलात्कार करने वालों को मौत की सज़ा देने का प्रावधान किया जाए. राजधानी में बलात्कार के मामलों को रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है? बलात्कारियों को फाँसी की सज़ा मिलनी चाहिए. हमें बलात्कार रोकने के लिए कड़े क़ानून की आवश्यकता है."

समाजवादी पार्टी की जया बच्चन ने कहा कि वे अन्य महिला सांसदों के साथ बलात्कार के विरोध में प्रश्न काल के दौरान खड़ी रहेंगी.

इसके बाद सुशील कुमार शिंदे ने राज्यसभा में कहा, "गृह सचिव के स्तर एक विशेष कार्यबल बनाया जाएगा जो दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को देखेगा. ये दल सांसदो की तरफ से इस मुद्दे पर आए सुझावों को ध्यान में रखकर काम करेगा."

शिंदे ने संसद को आश्वासन दिलाया कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे.

पीड़ित लड़की नाज़ुक

इस बीच पीड़ित लड़की सफ़दरजंग अस्पताल में ज़िंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है.

मंगलवार को अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक डॉक्टर बीडी अथानी ने बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा कि पीड़ित छात्रा की हालत पिछले 24 घंटों में थोड़ी बेहतर ज़रूर हुई है लेकिन अब भी उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई है.

डॉक्टर अथानी के अनुसार पीड़ित छात्रा वेंटिलेटर पर हैं लेकिन कभी-कभी वो बिना वेंटिलेटर की मदद से भी सांस लेने की कोशिश कर रहीं हैं, इसलिए कहा जा सकता है कि वो आंशिक रूप से ही सपोर्ट सिस्टम पर हैं.

डॉक्टर अथानी ने कहा कि डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी 24 घंटे निगरानी कर रही है और डॉक्टरों के अनुसार अगले 48 घंटे पीड़ित के लिए बहुत अहम है.

पुलिस की बात

वहीं क़रीब दो दिन बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने मीडिया को संबोधित किया और जानकारी दी कि इस मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन
दिल्ली में हुए इस बलात्कार के विरोध में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया है

उन्होंने बताया कि दो अभियुक्त फरार हैं. पुलिस आयुक्त ने उम्मीद जताई कि इन दोनों को जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.

उन्होंने ये भी जानकारी दी कि ज़्यादातर अभियुक्त आरके पुरम के पास की झुग्गियों के रहने वाले हैं. घटना के बारे में दिल्ली पुलिस आयुक्त ने बताया कि ये घटना रात 9.30 से 10 बजे तक की है.

नीरज कुमार ने ये भी बताया कि बस ड्राइवर राम सिंह और उसके कई साथी उस समय ड्यूटी पर नहीं थे और इस चार्टर्ड बस में घूमने निकले थे.

कुमार के अनुसार, "पीड़ित और उनका दोस्त मुनिरका में खड़े थे, तभी वहाँ ये चार्टर्ड बस पहुँची और बस वालों ने ये कहा कि ये द्वारका जा रही है. दोनों उस बस में चढ़ गए. उनसे 10-10 रुपए लिए भी गए. लेकिन इसके बाद लड़की के साथ छेड़छाड़ शुरू हो गई."

पुलिस आयुक्त का कहना था, "लड़के ने इसका विरोध किया और बहुत ही बहादुरी से उनका सामना किया. लड़की ने भी अपने मित्र को बचाने की कोशिश की. लेकिन उनके साथ मारपीट की गई. फिर लड़की को बस के पिछले हिस्से में ले गया गया और फिर उनके साथ बलात्कार हुआ. बाद में इन दोनों को बस के अगले दरवाज़े से फेंक दिया गया."

पुलिस आयुक्त के अनुसार, "पहले तो ड्राइवर राम सिंह ने अपना अपराध नहीं स्वीकार किया. बस को भी धो दिया गया था. लेकिन बाद में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. बाद में राम सिंह के अलावा उसके भाई मुकेश, एक जिम इंस्ट्रक्टर विनय गुप्ता और फल बेचने वाले पवन गुप्ता को गिरफ़्तार कर लिया गया है. दो अन्य फरार है, जिन्हें पकड़ने के लिए टीम लगी हुई है."