बेनज़ीर की हत्या का सच जल्द: रहमान मलिक

  • 17 दिसंबर 2012
रहमान मलिक
मलिक मानते हैं कि भारत-पाक संबंधों पर सकारात्मक माहौल बन रहा है

भारत दौरे से वापस लौटने के ठीक पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि इसी महीने उनकी सरकार बेनजीर भुट्टो हत्याकांड में एक अहम रिपोर्ट जारी करने वाली है.

सुर्ख़ियों में बने रहे अपने भारत दौरे को ख़त्म करने से ठीक पहले रहमान मलिक ने बीबीसी के साथ एक विशेष बातचीत की, जिसमें भारत-पाक संबंध, पाकिस्तान में तालिबान चरमपंथियों की बढ़ती संख्या और मलाला यूसुफ़जई जैसे प्रमुख मुद्दों पर बातचीत हुई.

इस साल 27 दिसंबर को पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के पांच वर्ष पूरे हो रहे हैं और सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी यानी पीपीपी एक रिपोर्ट जारी करने वाली है जिसमें इस बात को प्रमुखता से बताया जाएगा कि उनकी हत्या के पीछे किन तत्वों का हाथ था.

रहमान मलिक ने कहा, "हमारी सरकार और जांच एजेंसियों ने पहले से ही बता रखा है कि चुनाव से ठीक पहले हुई उनकी हत्या में किन लोगों का हाथ है. इस हत्या के पीछे जिन प्रमुख तत्वों की भूमिका है, इसे जानने के लिए दुनिएभर में ख़ासा कौतूहल है और ये रिपोर्ट उन सभी जिज्ञासाओं को शांत कर देगी और बारीक से बारीक तथ्यों को जनता के सामने उजागर करेगी."

भारत-पाक संबंध

रहमान मलिक का तीन दिनों का भारत दौरा सुर्ख़ियों में बना रहा. दोनों देशों के बीच वीज़ा नियमों को सरल बनाने के फैसले के अलावा बाबरी मस्जिद विध्वंस, अजमल कसाब और अबू जुन्दाल पर रहमान मलिक के कुछ बयानों ने भी खासी सुर्खियाँ बटोरीं.

लेकिन बीबीसी से हुई इस विशेष बातचीत में रहमान मलिक ने कहा, "दोनों देशों के बीच एक सकारात्मक माहौल बनता जा रहा है जिसके लिए मैं दोनों सरकारों को बधाई देना चाहता हूँ. ये माहौल और बढ़ेगा जब आम लोगों के बीच ज्यादा मुलाकातें होंगी. हमें आगे की तरफ देखना है."

पाकिस्तान की विदेश नीति पर बात हो तो हाल ही में पाकिस्तान ने अपनी जेलों में कैद कई अफ़गान-तालिबान लड़ाकों को रिहा किया है.

रहमान मलिक ने ये तो नहीं बताया कि रिहा किए गए लोगों के नाम क्या हैं और क्या इनमें मुलाह तुराबी या मुल्ला ब्रादर जैसे बड़े नाम हैं, लेकिन उन्होंने एक शांतिपूर्ण अफ़गानिस्तान की हिमायत ज़रूर कर डाली.

उन्होंने कहा, "अगर अफगानिस्तान में शांति बनी रहेगी, तभी पाकिस्तान में भी शांति रह सकती है. जिन-जिन लोगों के बारे में अफगान सरकार ने हमसे गुजारिश की है, हमने उन्हें रिहा कर दिया है."

मामला मलाला का

पाकिस्तान में हाल ही में एक स्कूल के बच्चों ने गुजारिश की है कि उनके स्कूल का नाम मलाला युसूफजई के नाम से बदलकर अपने पुराने नाम पर रख दिया जाए. मलाला युसुफजई को तालिबान चरमपंथियों ने इसी वर्ष तब गोली मारी थी जब उन्होंने तालिबान के नए नियमों का पालन करने से मना कर दिया था.

उस घटना के बाद से मलाला का इलाज जारी है और खुद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने ब्रिटेन के एक अस्पताल में जाकर उनका हाल लिया था. लेकिन इस स्कूल के बच्चों को अपनी जान पर खतरा मंडराता दिखाई देता है और उन्होंने स्कूल का नाम मलाला के नाम से हटाए जाने की मांग की है.

इस सवाल पर रहमान मालिक ने कहा, "हमारी सरकार उन बच्चों की सुरक्षा की पूरी ज़िम्मेदारी लेगी. उस स्कूल का नाम मलाला के नाम पर ही रहेगा और उस बहादुर लड़की ने जो कदम उठाया है, पूरा पाकिस्तान उसकी कद्र करता है."

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