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'इंसानियत' के नाते दंपति की रिहाई की अपील

 गुरुवार, 13 दिसंबर, 2012 को 23:17 IST तक के समाचार
डॉ केए पॉल

डॉ केए पॉल (दाएं) ने कहा कि कुछ दिन पहले इस दंपती के परिवार वाले उनके बच्चों समेत उनसे मिले थे.

नॉर्वे में अपने बच्चे के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने वाले भारतीय दंपति को नॉर्वे की एक अदालत ने पिछले दिनों सज़ा सुनाई थी.

अब ग्लोबल पीस इनीशिएटिव नाम की संस्था का कहना है कि वे नॉर्वे सरकार से गुहार लगाएगी कि इंसानियत के नाते वो इस दंपति को माफ कर दे.

संस्था के संस्थापक डॉ केए पॉल ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले इस दंपति के परिवार वाले उनके दो बच्चों समेत उनसे मिले थे और उनकी हालत देख कर उन्हें बहुत दुख हुआ.

ओस्लो की अदालत ने इस मामले में बच्चे की मां अनुपमा को 15 और उसके पिता चंद्रशेखर को 18 महीने की कैद की सजा सुनाई थी.

पॉल ने कहा, ''ज़रा सोचिए इतने महीने यह दंपति अपने बच्चों के बिना जेल में रहेगा और ऐसे ही बच्चे भी उनसे दूर रहेंगे. क्या यह न्याय है.''

'हालत ख़राब'

"इन बच्चों की हालत बहुत खराब है. कुछ दिन तो रिश्तेदार बच्चों को संभाल रहे थे पर अब वो उन्हें नहीं संभाल पा रहे हैं."

अनुपमा के भाई भार्गव कृष्णा

उनके साथ आए अनुपमा के भाई भार्गव कृष्णा ने इस बच्चे की हालत के बारे में बयान करते हुए कहा कि इन बच्चों की हालत बहुत खराब है. कुछ दिन तो रिश्तेदार बच्चों को संभाल रहे थे पर अब वो उन्हें नहीं संभाल पा रहे हैं.''

अदालत में अनुपमा और चंद्रशेखर पर यह दोष साबित हुआ था कि वे अपने सात साल के बेटे के साथ हिंसक बर्ताव किया करते थे.

इसमें बच्चे की बेल्ट से पिटाई करने के अलावा उसकी त्वचा को जलाने जैसे हिंसक आरोप शामिल थे.

अनुपना के भाई ने यह भी बताया कि वो इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील कर रहे हैं जहां पर कुछ दिन में सुनवाई होने की संभावना है.

लेकिन पॉल ने कहा कि नॉर्वे सरकार अगर उनका निवेदन स्वीकार कर लेती है तो वे इस परिवार के लिए बहुत अच्छा क्रिस्मस का तोहफा होगा.

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