BBC navigation

राहुल को मिली 2014 लोकसभा चुनाव की कमान

 गुरुवार, 15 नवंबर, 2012 को 22:38 IST तक के समाचार
राहुल गांधी( फाइल फोटो)

राहुल गांधी के लिए ये बहुत बड़ी चुनौती होगी.

राहुल गांधी को पार्टी या सरकार में बड़ी ज़िम्मेदारी दिए जाने की कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की एक लंबे अर्से से चली आ रही मांग गुरुवार को उस समय पूरी हो गई जब पार्टी ने ऐलान किया कि राहुल गांधी को 2014 के लोकसभा चुनाव की समन्वय समिति का प्रमुख बनाया गया है.

पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, ''नौ नवंबर को सूरजकुंड में पार्टी की संवाद बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि समन्वय समिति बनाई जाएगी. आज उन्होंने औपचारिक रूप से इसका ऐलान कर दिया है.''

वैसे तो इस समिति की मुख्य ज़िम्मेदारी चुनाव के लिए प्रत्याशी तय करना होगी लेकिन इसका मतलब साफ़ है कि पार्टी ने अगला लोकसभा चुनाव पूरी तरह से राहुल गांधी की अगुवाई में लड़ने का फ़ैसला कर लिया है.

"नौ नवंबर को सूरजकुंड में पार्टी की संवाद बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि समन्वय समिति बनाई जाएगी. आज उन्होंने औपचारिक रूप से इसका ऐलान कर दिया है."

जनार्दन द्विवेदी, कांग्रेस महासचिव

इस समिति में छह लोगों के नाम हैं. राहुल गांधी के अलावा इसमें जनार्दन द्विवेदी, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, जयराम रमेश और मधुसूदन मिस्त्री होंगे.

उपसमिति

समन्वय समिति के अलावा पार्टी ने तीन उपसमितियां बनाने की भी घोषणा की है. ये उपसमितियां समन्वय समिति की देखरेख में ही काम करेंगी.

चुनाव प्रचार के लिए बनाई गई उपसमिति के मुखिया राहुल गांधी के क़रीबी माने जाने वाले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह होंगे. अंबिका सोनी, मनीष तिवारी, दीपेंद्र हुड्डा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजीव शुक्ला और भक्त चरण दास इस उपसमिति के सदस्य होंगे.

इसके अलावा दो अन्य उपसमितियों के मुखिया अहमद पटेल और मधुसूदन मिस्त्री होंगे.

इनके अलावा एक और समिति बनाई गई है जिसका काम चुनाव से पहले गठबंधन की संभावनाओं को तलाशना और उस पर अंतिम फ़ैसला करना है.

पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी के अनुसार रक्षा मंत्री एके एंटनी को इसका प्रमुख बनाया गया है जिसमें वीरप्पा मोइली, जितेंद्र सिंह, सुरेश पचौरी, मुकुल वासनिक और मोहन प्रकाश सदस्य के रूप में शामिल होंगे.

चुनाव घोषणा पत्र तैयार करने के लिए भी एक समिति बनाई गई है जिसके प्रमुख एके एंटनी होंगे. इसमें वित्त मंत्री पी चिंदबरम, सुशील कुमार शिंदे, आनंद शर्मा, सलमान ख़ुर्शीद, संदीप दीक्षित, अजित जोगी, रेणुका चौधरी, और पीएल पुणिया सदस्य के रूप में शामिल हैं.

इस मामले में विशेषज्ञ समझे जाने वाले मोहन गोपाल को इस समिति में ख़ास तौर पर शामिल किया गया है.

राहुल गांधी भले ही समन्वय समिति के प्रमुख बनाए गए हैं लेकिन दूसरी समिति या उपसमितियों में ज़्यादातर वही लोग शामिल हैं जो सोनिया गांधी की टीम के सदस्य माने जाते हैं. इसलिए कहा जा सकता है कि टीम सोनिया के सदस्य अब टीम राहुल के सदस्य हो गए हैं.

पिछले दो लोकसभा चुनावों में इसी टीम ने कांग्रेस को जीत दिलाई है अब राहुल के लिए बड़ी चुनौती होगी इस टीम के साथ मिलकर 2014 के चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना.

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.