सिपाही ने जजों को कोर्ट में घसीटा

  • 5 नवंबर 2012
अधिकारियों ने हाईकोर्ट में शिकायत की थी लेकिन जवाब नहीं मिला

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक हेड कांस्टेबल का कहना है कि चालान काटने की सज़ा मिली. हेड कांस्टेबल माही लाल का आरोप है कि उन्हें इस चालान के कारण तीन दिन तक अदालत नें चपरासी का काम करने के लिए मजबूर किया गया.

माही लाल का कहना है कि जिस व्यक्ति का चालान काटा था वो अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का भाई था और उनके अनुसार उन्हें इसी बात की सज़ा मिली.

अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' के मुताबिक अब माही लाल ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश और मैट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट के खिलाफ़ आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली की तीस हज़ारी अदालत में अर्जी लगाई है.

माही लाल का आरोप है कि मजिस्ट्रेट की वजह से उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा और सज़ा दी गई.

जुलाई में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के सामने शिकायत भी की, लेकिन वहां से इस शिकायकत पर कोई जवाब नहीं आया. जिसके बाद अब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मैट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दायर करने की याचिका दायर की गई है.

अर्जी में भारतीय दंड संहिता के तहत सरकारी कर्मचारी को हानि पहुंचाने, सरकारी काम में बाधा डालने, धमकाने और आपराधिक साजिश करने का मामला दर्ज करने की अपील की गई है.

माही लाल के अनुसार न्यायाधीश ने पहले फोन पर चालान काटने से मना किया और जब चालान काट दिया गया तो उन्हें अदालत में पेश होने के लिए कहा गया.

इतना ही नहीं माही लाल को लाइसेंस के साथ साथ चालान की रकम भी अपनी जेब से लौटाने के लिए कहा गया.