BBC navigation

बबलू की दामिनी में लौट रही है चमक

 गुरुवार, 25 अक्तूबर, 2012 को 18:42 IST तक के समाचार
दामिनी

दामिनी के काम आई लाखों लोगों की दुआएं

नन्ही दामिनी की सेहत में सुधार के लिए हजारों लोगों ने दुआ में हाथ खड़े किए थे और अब ऐसा लग रहा है कि वो दुआएं काम आ गई.

जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में जब दामिनी को भर्ती कराया गया था, तो वो काफी नाजुक अवस्था में थी.

लेकिन अस्पताल के डॉक्टर जेके मित्तल का कहना है कि दामिनी अब काफी हद तक ठीक हो गई है. उसका वजन भी बढ़ गया है और वो खतरे से बाहर है.

दामिनी की सेहत में सुधार को देखते हुए उसे जीवन रक्षक प्रणाली से भी हटा लिया गया है.

दुनियाभर से मदद

दामिनी ने दुनियाभर में उस समय सुर्ख़ियाँ बटोरी, जब ये ख़बर आई कि जयपुर में उसके रिक्शा चालक पिता बबलू उसे अपने गले में रस्सी से बांधकर रिक्शा चलाते थे.

ऐसा इसलिए हो रहा था, क्योंकि दामिनी बिन मां की बच्ची है और घर में उसे पालने वाला कोई नहीं है.

" “मुझे तो देशों के नाम भी पता नहीं है जहां-जहां से उसकी मदद के लिए फोन आ रहे हैं, मेरी बिटिया बहुत भाग्यशाली है, ये तो अब पूरी दुनिया की बेटी है.”"

बबलू, दामिनी के पिता

दुनिया भर से कई लोग दामिनी की मदद के लिए खड़े हुए. खुद भरतपुर के जिला मजिस्ट्रेट जीपी शुक्ला ने भी दामिनी को हर तरह की मदद देने की पेशकश की. वे दामिनी से मिलने जयपुर अस्पताल भी पहुंचे.

जीपी शुक्ला ने कहा है कि वो दामिनी की हर मदद करेंगे और इसके लिए वो लगातार समाजसेवी संस्थाओं के संपर्क में हैं.

हालांकि, एक स्थानीय समाजसेवी संस्था ने भी बच्ची और उसके पिता की मदद की पहल की है. एनजीओ की तरफ से इनके पुनर्वास के इंतजाम की कोशिश भी हो रही है.

अभी तक बबलू के खाते में 13 लाख रुपए जमा किए जा चुके हैं. भरतपुर जिला मजिस्ट्रेट का कहना है कि राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने दामिनी की देखरेख का निर्देश जारी किया है. उस पर होने वाले तमाम खर्च को सरकार वहन करेगी.

दामिनी के पिता आह्लादित हैं कि उनकी बिटिया स्वस्थ हो गई है. बबलू कहते हैं, “मुझे तो देशों के नाम भी पता नहीं है जहां-जहां से उसकी मदद के लिए फोन आ रहे हैं, मेरी बिटिया बहुत भाग्यशाली है, ये तो अब पूरी दुनिया की बेटी है.”

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.