कसाब की दया याचिका नामंज़ूर करने की सिफ़ारिश

 मंगलवार, 23 अक्तूबर, 2012 को 19:27 IST तक के समाचार
कसाब

सुप्रीम कोर्ट ने भी कसाब की फाँसी की सज़ा बरक़रार रखी थी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मुंबई में चरमपंथी हमलों के दोषी अजमल कसाब की दया याचिका नामंज़ूर करने की सिफ़ारिश राष्ट्रपति भवन को भेज दी है.

इसके बाद अब राष्ट्रपति अजमल कसाब की दया याचिका पर अंतिम निर्णय लेंगे.

वैसे केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दया याचिका ख़ारिज करने की सिफ़ारिश के बाद माना जा रहा है कि कसाब को फाँसी की सज़ा मिलना तय हो गया है.

नियत प्रक्रिया के अनुसार राष्ट्रपति किसी भी दया याचिका पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफ़ारिश के आधार पर ही अंतिम फ़ैसला करते हैं.

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार और राज्यपाल पहले ही कसाब की दया याचिका खारिज कर चुके हैं.

अजमल कसाब मुंबई में वर्ष 2008 में हुए चरमपंथी हमलों के दस हमलावरों में से एक हैं.

कसाब के बाक़ी नौ साथी हमलों के दौरान मारे गए थे.

मुंबई में विभिन्न स्थानों पर हुए चरमपंथी हमलों में क़रीब 167 लोग मारे गए थे. जिनमें कई विदेशी नागरिक शामिल थे.

दया याचिका

कसाब ने राष्ट्रपति से फांसी ना दिए जाने की अपील करते हुए दया याचिका दाख़िल की थी.

इसके बाद नियमों के मुताबिक राष्ट्रपति भवन ने गृह मंत्रालय से उसकी राय मांगी थी.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने फांसी के खिलाफ कसाब की दया याचिका नामंजूर करने की सिफारिश राष्ट्रपति को भेज दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने 29 अगस्त को कसाब की ‌याचिका ठुकराते हुए 2008 के मुंबई हमले के लिए उसकी मौत की सजा बरकरार रखी थी.

कसाब ने इस याचिका में उसे दोषी ठहराए जाने की बंबई हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी.

प्रमुख भाजपा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफ़ारिश का स्वागत किया है.

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अदालत के निर्णय को तुरंत लागू किया जाना चाहिए.

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