BBC navigation

गपशप करने का वादा निभा नहीं पाया: अमिताभ

 सोमवार, 22 अक्तूबर, 2012 को 11:19 IST तक के समाचार
अमिताभ यश

अमिताभ बच्चन की कई हिट फ़िल्मों के निर्माता यश चोपड़ा थे

मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा के निधन पर बॉलीवुड के कई नामचीन हस्तियों ने शोक जताया है.

सुपर स्टार अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग पर यश चोपड़ा के निधन को फ़िल्म जगत से ज़्यादा अपनी निजी क्षति बताया है.

अमिताभ बच्चन ब्लॉग की शुरुआत ही इन शब्दों से करते हैं, “चौवालीस साल का साथ अचानक ख़त्म हो गया. वो बहुत जल्दी और बहुत अचानक चले गए. यश चोपड़ा एक मित्र पहले थे, एक दिग्गज रचनाकार बाद में.”

अमिताभ बच्चन लिखते हैं कि उनसे अंतिम मुलाकात दस दिन पहले अमिताभ बच्चन के जन्म दिन पर हुई थी. वो लिखते हैं कि यश चोपड़ा बीमार थे और डॉक्टरों की आराम करने की सलाह के बावजूद जन्म दिन की बधाई देने आए.

ब्लॉग में अमिताभ बच्चन लिखते हैं, “जन्म दिन पर कहे गए उनके शब्द मेरे कानों में गूँज रहे हैं. मेरे काम की प्रशंसा तो उन्होंने की ही, इससे बढ़कर मुझे एक अच्छा बेटा और एक अच्छा इंसान बताया.”

अमिताभ बच्चन लिखते हैं कि एक दिन उन्होंने कहा कि किसी दिन आओ तो गपशप करते हैं, उस दिन न कोई काम होगा, न मुद्दे होंगे, सिर्फ गपशप होगी.

बेहद भावुक अंदाज में अमिताभ कहते हैं, "मैंने उनसे वादा किया कि आऊंगा, लेकिन अफसोस वादे को मैं निभा नहीं पाया."

आखिरी उपस्थिति

अमिताभ बच्चन कहते हैं कि आम जनता के बीच ये उनकी अंतिम उपस्थिति और अंतिम वचन थे.

ब्लॉग पर अमिताभ बच्चन ने उस दिन की कई तस्वीरें प्रकाशित की हैं, जिनमें यश चोपड़ा उनके साथ दिख रहे हैं. इन तस्वीरों के जरिए अमिताभ उन्हें याद करने की कोशिश कर रहे हैं.

"वो हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके कार्य, उनकी भावनाएं, उनके गीत और इन सबसे बढ़कर उनका मानवीय व्यवहार हम लोगों के साथ हमेशा बना रहेगा."

अमिताभ बच्चन, अपने ब्लॉग में

अमिताभ बच्चन लिखते हैं, “वो हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके कार्य, उनकी भावनाएं, उनके गीत और इन सबसे बढ़कर उनका मानवीय व्यवहार हम लोगों के साथ हमेशा बना रहेगा.”

मशहूर फिल्म निर्माता और यश चोपड़ा के भाई बीआर चोपड़ा से अलग होने के बाद उन्होंने किस तरह से नए सिरे से अपने काम की शुरुआत की, अमिताभ बच्चन ने बेहद बारीकी से इसका ज़िक्र किया है.

वो लिखते हैं, “वी. शांताराम के राजकमल स्टूडियो के एक छोटे से हिस्से में उन्होंने अपना काम शुरू किया. यहां सिर्फ दो डेस्क थीं, एक पर यश खुद बैठते थे और दूसरी पर उनका अकाउंटेंट. यहीं से सारे काम होते थे.”

अमिताभ बच्चन खुद भी इसी छोटे से कमरे में जाकर उनसे स्क्रिप्ट, दृश्य, कहानी आदि पर घंटों चर्चा करते थे.

आखिर में ब्लॉग में बिग बी लिखते हैं कि फिल्म जगत को यश चोपड़ा के योगदान के बारे में कहने के लिए इतना कुछ है कि वो महज कुछ शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता.

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.