11 अंकों के हो जाएँगे मोबाइल के नंबर?

 सोमवार, 22 अक्तूबर, 2012 को 19:42 IST तक के समाचार
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मोबाइल उपभोक्ताओं के मामले में भारत की तरक्की उम्मीद से कहीं तेज़ रही है

हो सकता है कि भारत में नए साल से मोबाइल के नंबर 10 की जगह 11 अंकों के हों.

ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि 99 और 98 से शुरु होने वाले नंबरों की सिरीज़ ख़त्म होने वाली है और दिसंबर के बाद इस सिरीज़ के नंबर जारी नहीं किए जा सकेंगे.

दूरसंचार विभाग (डीओटी) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया दोनों मिलकर इस संकट से उबरने के लिए उपाय तलाश कर रहे हैं और एक संभव उपाय ये है कि मोबाइल के नंबर 11 या 12 अंकों के कर दिए जाएँ.

संकट की वजह

ये संकट इसलिए उत्पन्न हुआ है क्योंकि भारत में अनुमान से बहुत पहले ही मोबाइल फ़ोन की संख्या 100 करोड़ या एक अरब को पार करने वाली है.

वर्ष 2003 में जब नंबरों देने की ये योजना लागू की गई थी तो अनुमान लगाया गया था कि वर्ष 2030 तक ये योजना चल जाएगी.

फ़िलहाल देश में 60 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता हैं. चूंकि एक व्यक्ति एक से अधिक नंबरों का प्रयोग कर रहा है इसकी वजह से मोबाइल नंबरों की संख्या उपभोक्ताओं की तुलना में बहुत अधिक है.

वैसे दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण (ट्राइ) के बीच भी इस समस्या को लेकर बातचीत चल रही है.

ख़बर है कि ट्राइ ने डीओटी को ये सुझाव भी दिया है कि नई सिरीज़ के बारे में सोचने से पहले ऐसे नंबरों को रद्द करके नए सिरे से आवंटित करने पर विचार किया जाना चाहिए, जिनका उपयोग नहीं किया जा रहा है.

डीओटी चाहे जो भी निर्णय ले, लेकिन इस निर्णय से पहले उसे अंतरराष्ट्रीय मानकों का भी पालन करना होगा.

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