नीतीश की अधिकार यात्रा से जुड़े पाँच कारण

 सोमवार, 24 सितंबर, 2012 को 15:06 IST तक के समाचार
नीतीश कुमार

नीतीश कुमार अपने मीडिया प्रबंधने के लिए भी जाने जाते हैं.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे राज्य में अधिकार यात्रा शुरू की है.

ये पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार ने ऐसी यात्रा की है लेकिन इस बार की अधिकार यात्रा के क्या मकसद हो सकते हैं?

केंद्र की राजनीति में नीतीश का बढ़ता कद और आने वाले लोकसभा चुनावों में अपनी स्थिति स्पष्ट करने से लेकर बिहार के लिए विशेष राज्य की मांग करने जैसे कई मुद्दे हैं.

आइए नज़र डालते हैं पांच कारण जो हो सकते हैं इस यात्रा का कारण-

केंद्र की राजनीति- नीतीश कुमार भले ही कहते रहे हों कि वो पीएम पद के उम्मीदवार नहीं हैं लेकिन सब जानते हैं कि देश का नेतृत्व करने की इच्छा हर बड़े नेता के मन में होती है. इस अधिकार यात्रा को एक चुनावी यात्रा के रुप में भी देखा जा सकता है जहां वो अपनी नीतियों के बारे में लोगों को जानकारी दे रहे हैं.

नरेंद्र बनाम नीतीश- नरेंद्र मोदी के साथ नीतीश की अनबन खुल कर सामने आ गई चुकी है. जनता दल के नेता शरद यादव ने साफ कहा था कि नीतीश गुजरात में बीजेपी के खिलाफ़ चुनाव प्रचार करेंगे. बाद में नीतीश ने इससे इंकार किया लेकिन कहीं न कहीं नीतीश इस अधिकार यात्रा में अपनी छवि ज़रुर चमकाने की कोशिश करेंगे.

केंद्र में बिहार की छवि- बिहार से लोकसभा की 40 सीटें हैं लेकिन बिहार की पूछ बहुत अधिक होती नहीं है केंद्र में. नीतीश कुमार की कोशिश ये है कि अगले चुनावों से पहले बिहार का मुद्दा वो बार बार उठाएं. ये चाहे बिहार को विशेष पैकेज दिलाने की बात हो या फिर कोई और तरीका हो. इस यात्रा के जरिए वो बिहार के लोगों में इस बात के लिए जागृति पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं.

अंदरूनी राजनीति- बिहार में भले ही जद यू और भाजपा की सरकार है लेकिन इस अधिकार यात्रा में भाजपा को शामिल नहीं किया गया है. सहयोगी दल का शामिल न होना ये दिखाता है कि नीतीश एकला चलो रे की नीति अपना रहे हैं और ये कहीं न कहीं केंद्र की राजनीति से जुड़ा हुआ लगता है. नीतीश पहले भी कह चुके हैं कि वो किसी भी ऐसे दल का समर्थन कर सकते हैं जो केंद्र में बिहार के लिए काम करे.

बिहार का गौरव और सरकारी नीतियां- मीडिया प्रबंधन में नीतीश माहिर माने जाते हैं. इस अधिकार यात्रा को मीडिया में अपनी नीतियों को व्यापक प्रचार के रुप में भी देखा जा सकता है. इतना ही नहीं सरकारी नीतियों के जरिए नीतीश बिहार के लोगों में बिहार का गौरव होने का दंभ भर सकते हैं. यात्राओं से लोग खुद को मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ महसूस तो करते ही हैं.

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